अनिलचन्द्र ठाकुर
अनिलचन्द्र ठाकुर | |
|---|---|
| जन्म | अनिलचन्द्र ठाकुर सितम्बर १३, १९५४ |
| मृत्यु | २ नवम्बर २००७ (५३ वर्ष) |
| व्यवसाय | साहित्यकार |
| सक्रिय वर्ष | १९९३-२००७ |

अनिलचन्द्र ठाकुर (१३ सितम्बर १९५४- २ नवम्बर २००७)[१] ई.केँ कटिहार जिलाक समेली गाममे भेलन्हि ।[२] सन् १९८२ मे हिन्दी साहित्यमे स्नातकोत्तर केलाक बाद नवम्बर '९३ सँ नवम्बर '९४ धरि "सुबह" हस्तलिखित पत्रिकाक सम्पादन-प्रकाशन कएलन्हि आ कोशी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकमे अधिकारी रहथि । हुनकर मैथिली, अङ्गिका, हिन्दी आ अङ्ग्रेजीमे समानरूपेँ लेखन । मृत्युक पूर्व ब्रेन ट्यूमरसँ बीमार चलि रहल छलाह। हुनकर प्रकाशित कृतिसभ: आब मानि जाउ (मैथिली उपन्यास)[३]- पहिने भारती-मंडन पत्रिकामे प्रकाशित भेल, फेर मैलोरङ्गद्वारा पुस्तकाकार प्रकाशित भेल । कच (अङ्गिकाक पहिल खण्ड काव्य,१९७५)[४]; एक और राम (हिन्दी नाटक, १९८१)[५]; एक घर सडक पर (हिन्दी उपन्यास, १९८२); द पपेट्स (अङ्ग्रेजी उपन्यास, १९९०)[६] अनत कहाँ सुख पावै (हिन्दी कहानी सङ्ग्रह, २००७) अछि । आब मानि जाउ (मैथिली उपन्यास)[७] - एहि उपन्यासमे एक एहन युवतीक सङ्घर्ष-गाथा अङ्कित अछि जे अपन लगनसँ जीवन बदलैत अछि। असङ्ख्य गामक ई कथा कुलीनताक अधःपतनक कथा, संस्कारविहीनताक उद्घाटन आ भविष्यक पिढीकेँ बचएबाक चेतौनी छी ।
सन्दर्भ सामग्रीसभ
[सम्पादन करी]- ↑ "अनिलचन्द्र ठाकुर १३ सितम्बर 1954- 2 नवम्बर 2007", मिथिला दैनिक, २००९-०२-१६, अन्तिम पहुँच २०२५-१२-१७।
- ↑ "ANILCHANDRA THAKUR", acthakur.blogspot.com (अङ्ग्रेजीमे), अन्तिम पहुँच २०२५-१२-१७।
- ↑ Thakur, AnilChandra (enमे). The Puppets. Apoorva Chandram. https://books.google.ae/books?id=PqWuWsExZCoC&printsec=frontcover&source=gbs_ge_summary_r&hl=th.
- ↑ ठाकुर, अनिलचंद्र (hiमे). आब मानि जाउ: मैथिली उपन्यास. mailorang. आइएसबिएन 978-81-904941-0-6. https://books.google.ae/books/about/Aab_Maani_Jaau_%E0%A4%86%E0%A4%AC_%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF_%E0%A4%9C.html?id=nOKKJcoqLkoC&hl=th.
- ↑ ठाकुर, अनिलचंद्र (2011) (hiमे). एक घर सड़क पर. Poonam Thakur. आइएसबिएन 978-93-81130-34-6. OCLC 752859789. OL27132066M. https://books.google.ae/books?id=nm04-d0-Qj4C&printsec=frontcover&dq=inauthor:%22Anilchandra+Thakur+%22&hl=en&sa=X&ei=QsdhVNqWN8HNOJeagegE.
- ↑ ठाकुर, अनिलचंद्र (2009) (hiमे). अनत कहां सुख पावे. Apoorva Chandram. आइएसबिएन 978-81-89537-26-5. OCLC 309730521. https://books.google.ae/books?id=baVit5VBXkIC&printsec=frontcover&dq=inauthor:%22Anilchandra+Thakur+%22&hl=en&sa=X&ei=QsdhVNqWN8HNOJeagegE.
- ↑ ठाकुर, अनिलचन्द्र (hiमे). कच: अंगिका-काव्य. Apoorva Chandram. https://books.google.ae/books?id=4EpT_lxtqvgC&printsec=frontcover&dq=inauthor:%22Anilchandra+Thakur+%22&hl=en&sa=X&ei=QsdhVNqWN8HNOJeagegE.