अब्दुल्लाह बिन रवाहा
अब्दुल्लाह बिन रवाहा | |
|---|---|
عبد الله بن رواحة | |
अब्दुल्लाह बिन रवाहाक अरबी सुलेख (कैलीग्राफी) मे नाम | |
| जन्म | यथरिब (मदीना), अरब (वर्तमान सउदी अरब) |
| मृत्यु | 629 ईसवी (8 हिजरी) मुताह, सीरिया (वर्तमान जॉर्डन) |
| व्यवसाय | कवि, योद्धा, इस्लामी पैगम्बर मुहम्मदक सहाबी |
| प्रसिद्धि कारण | 'अक़बाक दोसर बैअत' मे भागीदारी, इस्लामी कवितासभ, आ मुताहक युद्धमे सैन्य नेतृत्व |
अब्दुल्लाह बिन रवाहा (अरबी: عبد الله بن رواحة; मृत्यु 629 ईसवी) इस्लामक प्रारम्भिक इतिहासक एकटा प्रमुख व्यक्ति, पैगम्बर मुहम्मद क प्रसिद्ध सहाबी (साथी) आ एकटा अरबी कवि छलाह। ओ मदीनाक अंसार (स्थानीय निवासी) समुदायसँ छलाह आ बनू खज़रज (Banu Khazraj) कबीलासँ सम्बन्ध रखैत छलाह। इस्लामक उदयक समय ओ मदीनाक ओहि सीमित लोकसभमे सँ एक छलाह जे लिखब-पढ़ब जनैत छलाह।[१]
प्रारम्भिक जीवन आ इस्लाममे प्रवेश
[सम्पादन करी]अब्दुल्लाह बिन रवाहा मदीनाक ओहि शुरुआती लोकसभमे सँ छलाह जे इस्लाम स्वीकार कएने छलाह। ऐतिहासिक दस्तावेज़सभक अनुसार, ओ ओहि 73 अंसारमे शामिल छलाह जे मक्काक गुप्त यात्रा कएने छलाह आ 'अक़बाक दोसर बैअत' (The Second ‘Aqabah Pledge) मे भाग लऽ कऽ पैगम्बर मुहम्मदक प्रति अपन निष्ठाक शपथ लेलन्हि।[२] एहि अवसर पर, पैगम्बर मदीनाक लोकसभकेँ इस्लामक शिक्षा देबाक आ हुनक नेतृत्व करबाक लेल 12 प्रतिनिधि (नकीब) क चुनाव कएने छलाह, जाहिमे सँ एक अब्दुल्लाह बिन रवाहा सेहो छलाह।
पैगम्बरक कविक रूपमे भूमिका
[सम्पादन करी]अब्दुल्लाह बिन रवाहा एकटा कुशाग्र आ प्रभावशाली कवि छलाह। मदीनामे इस्लामी राज्यक स्थापनाक बाद, ओ अपन कविताक उपयोग इस्लामी संदेशसभक प्रसार, मुसलमानसभक मनोबल बढ़यबाक आ विरोधीसभक दावासभक उत्तर देबाक लेल कएलन्हि। हुनका हस्सान बिन साबित (Hassan ibn Thabit) आ काब बिन मालिकक संगे पैगम्बर मुहम्मदक तीन प्रमुख कविसभमे गिनल जाइत छल।
हुनक कवितासभमे इस्लामी आस्था, आध्यात्मिक गहराई आ कुरैश (मक्काक विरोधी) क विरोधक वर्णन भेटैत अछि। 7 हिजरीमे जखन मुसलमान शांतिपूर्ण 'उमरतुल कज़ा' (Umrah al-Qada) क लेल मक्कामे प्रवेश कऽ रहल छलाह, तँ अब्दुल्लाह बिन रवाहा पैगम्बरक आगाँ-आगाँ चलि रहल छलाह आ उत्साहक संगे अपन कवितासभक वाचन कऽ रहल छलाह।
सैन्य अभियान
[सम्पादन करी]अब्दुल्लाह बिन रवाहा इस्लामक प्रारम्भिक दौरक रक्षात्मक आ प्रमुख युद्धसभमे भाग लेलन्हि। ओ बद्रक युद्ध, उहुदक युद्ध, खंदक (अहज़ाब) आ खैबरक अभियानसभमे सक्रिय रूपसँ भाग लेलन्हि। खैबरक विजयक बाद, पैगम्बर मुहम्मद हुनका खैबरक खजूर आ फसलक उपजक अनुमान लगयबाक (मूल्यांकन) महत्त्वपूर्ण कार्यक लेल नियुक्त कएलन्हि, जकरा ओ न्याय आ ईमानदारीक संगे निभौलन्हि।
मुताहक युद्ध आ शहादत
[सम्पादन करी]अब्दुल्लाह बिन रवाहाक अन्तिम सैन्य योगदान 629 ईसवी (8 हिजरी) मे लड़ल गेल 'मुताहक युद्ध' (Battle of Mu'tah) मे समक्ष आयल। एहि अभियानक लेल पैगम्बर मुहम्मद बाज़न्तीनी (Byzantine) आ गस्सानिद (Ghassanid) साम्राज्यक विशाल सेनाक सामना करबाक लेल तीन कमाण्डरकेँ क्रमानुसार नियुक्त कएने छलाह: ज़ैद बिन हारिसा, जाफ़र इब्न अबी तालिब (जिनका जाफ़र अल-तय्यार सेहो कहल जाइत अछि), आ हुनक बाद अब्दुल्लाह बिन रवाहा।[३]
मुताह पहुँचला पर जखन 3,000 मुस्लिम सैनिकसभकेँ ई ज्ञात भेल जे हुनक समक्ष बाज़न्तीनी साम्राज्यक एक लाखसँ अधिकक विशाल सेना अछि, तँ ओ किछु समयक लेल रुकि कऽ रणनीति पर विचार करय लगलाह। ओहि निर्णायक क्षणमे, अब्दुल्लाह बिन रवाहा सेनाक मनोबल बढ़बैत एकटा ऐतिहासिक भाषण देलन्हि:
"हे लोकसभ! अहाँ जे चीजसँ कतरा रहल छी, ओ ओही शहादत अछि जकर तलाशमे अहाँ एतय आयल छी। हम दुश्मनसँ हथियार वा संख्याक बल पर नहि लड़ैत छी, बल्कि हम ओहि धर्मक बल पर लड़ैत छी जाहिसँ अल्लाह हमरासभकेँ सम्मानित कएने अछि।"
युद्धक दौरान जखन पहिल दुनू कमाण्डर (ज़ैद आ जाफ़र) बहादुरीसँ लड़ैत वीरगतिकेँ प्राप्त भऽ गेलाह, तँ अब्दुल्लाह बिन रवाहा इस्लामी ध्वज सम्भाललन्हि। समक्ष निश्चित मृत्यु देखि कऽ जखन एक क्षणक लेल हुनका मानवीय झिझक महसूस भेल, तँ ओ अपन मनोबल दृढ़ करबाक लेल स्वयंकें सम्बोधित करैत एकटा प्रसिद्ध कविता पढ़लन्हि, जकर अर्थ छल: "हे हमर आत्मा, मृत्यु तँ अपरिहार्य अछि, ताहि लेल बेहतर अछि जे अहाँ शहीद भऽ जाउ।"[४]
बहादुरीसँ लड़ैत ओहो एहि युद्धमे वीरगतिकेँ प्राप्त भेलाह। हुनक शहादतक बाद, खालिद बिन वलीद (Khalid ibn al-Walid) सेनाक कमान सम्भाललन्हि आ बचल सैनिकसभकेँ सुरक्षित वापस निकाललन्हि। अब्दुल्लाह बिन रवाहाक नाम इस्लामी इतिहासमे एकटा कवि, आस्तिक आ बहादुर कमाण्डरक रूपमे लेल जाइत अछि।
संदर्भ
[सम्पादन करी]- ↑ Hassan, Muhammad Raji (2012). Ensiklopedia Biografi Sahabat Nabi. Jakarta: Penerbit Zaman. आइएसबिएन 978-979-024-295-1.
- ↑ "SunniPath Library - Books - Ar-Raheeq Al-Makhtum - The Second ‘Aqabah Pledge", www.sunnipath.com, अन्तिम पहुँच २०२६-०३-०८।
- ↑ "Jafar al-Tayyar", al-islam.org (अङ्ग्रेजीमे), २०१३-०१-२१, अन्तिम पहुँच २०२६-०३-०८।
- ↑ "Default Normal Template", www.islamic-council.org, मूलसँ २००६-०६-३० मे सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच २०२६-०३-०८।
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