कोजागरा
| कोजागरा | |
|---|---|
| अन्य नाम | कोजगरा |
| समुदाय | मैथिल ब्राह्मण, मैथिल कायस्थ |
| प्रकार | मौलिक |
| तिथि | शरद पूर्णिमा |
| मानाएल | वार्षिक |
| पहिल बेर | त्रेता युग |
| सुरूवातकर्ता | श्रीराम रामक लेल राजा जनक |
कोजागरा भारतीय उपमहाद्वीपक मिथिला क्षेत्रक एकटा विशेष पावनि अछि।[१] विशेष करि मिथिला क्षेत्रमे ई मैथिल ब्राह्मण, मैथिल कायस्थ आ मैथिल वैश्य (देव) समुदायक नवविवाहित दम्पति केर लेल ई एक संस्कार छी। हिन्दू मास अश्विनक शरद पूर्णिमा केर अवसर पर ई पावनि मनाओल जाइत अछि।[२][३][४]
व्युत्पत्ति विज्ञान
[सम्पादन करी]कोजागरा शब्द मुख्यतः नक्षत्र पति (नक्षत्रक राजा) चन्द्रमासँ जुड़ल अछि। जागरा केर भारतीय शाब्दिक अर्थ चन्द्रमा कऽ किरण मानल जाइत अछि, जे 'जागरन' शब्दसँ बनल अछि आओर 'कु जे 'को' भऽ जाइत अछि, ओकर सम्बन्ध चन्द्रमा केर प्रकाश कऽ अमृत सदृश किरणसँ अछि। एकर अर्थ ई भेल जे पूर्णिमा अपन अमृत जका किरणमे जागरणक दिन केर रूपमे मनबैत अछि।[५]
वर्णन
[सम्पादन करी]कोजागरा विशेष करि मैथिल ब्राह्मण, मैथिल कायस्थ मैथिल वैश्य (देव) समुदायमे मैथिल विआहक परम्परासँ जुड़ल संस्कार छी। ई मिथिला क्षेत्रक एक लोक पर्व सेहो छी। कोजागरा पावनिमे नवविवाहिता केर घरसँ नवविवाहित वरक घरमे फल, मिठाई, खाजा, मखान, बताशा आ पान आदि केर एकटा भार भेजल जाइत अछि। पावनि केर संस्कार रातिमे कएल जाइत अछि। साँझमे वर अपन सासुरसँ आएल वस्त्रमे सजैत अछि, तखन हुनकर घर आ समाजक स्त्रीगण हुनका सङ्ग चुमाओन संस्कार करैत अछि। तहिना हुनक परिवार या समाजक कमसँ कम पाँच गोटे बुजुर्ग दुर्वाक्षत मन्त्रक जाप करि आशीर्वाद दैत अछि। चुमाओन संस्कारक बाद वर अप्पन सार सङ्गे पच्चीसीक खेल खेलाइत अछि। एकरा लेल कौड़ी आ पासा कनिया घरक परिवारसँ अबैत अछि। हारल विजेता केर उपहार दैत अछि। एहि खेलक दौरान महिला लोकनिद्वारा मैथिली लोकगीत आ सङ्गीतक सभा सेहो कएल जाइत अछि।[६][७] कोजागरा पावनिक संस्कार प्रक्रिया पूर्ण भेलाक बाद रातिमे समाजक लोकसभक बीच मखान, बताशा आ पान (सुपारी सहित) वितरण करवाक परम्परा अछि। कोजागरा केर पर्व ई क्षेत्रमे सामाजिक सौहार्दक प्रतीक केर रूपमे देखल जाइत अछि। कोजागरा केर अवसर पर सामाजिक भोजक आयोजन सेहो वर परिवारद्वारा रातिमे कएल जाइत अछि।
मखान केर महत्व
[सम्पादन करी]कोजागरा पावनिमे मखानक विशेष महत्व अछि। एहि दिन मखान दलिया, जे पोषण गुणसँ भरल होइत अछि, तैयार करि राति भरि चाँदनीमे राखल जाइत अछि, जाहिसँ ओकरा अमरत्व भेटैत अछि, आ फेर नवविवाहित पुरुषकेँ खुआओल जाइत अछि जाहिसँ ओ सब रोगसँ मुक्त रहय आ दीर्घायु जीबय।[७]
सन्दर्भ सामग्रीसभ
[सम्पादन करी]- ↑ "मिथिलाञ्चलमा कोजागरा पर्व मनाइँदै" [मिथिलाञ्चलमे कोजागरा पर्व मनाएल], Lokpath (नेपालीमे), अन्तिम पहुँच २०२५-११-०६।
- ↑ "Kojagra in Mithilanchal: सामाजिक सरोकार का लोकपर्व कोजागरा आज, मिथिला के नवविवाहित दूल्हों के घर उत्सवी माहौल - Kojagra today festive atmosphere at the house of newly married grooms of Mithila", Jagran (हिन्दीमे), अन्तिम पहुँच २०२४-११-२६।
- ↑ "Kojagra 2024: इस दिन मनाया जाएगा मिथिला का लोक पर्व कोजागरा", www.prabhatkhabar.com, अन्तिम पहुँच २०२४-११-२६।
- ↑ "मैथिली नवदम्पतियों का विशेष पर्व कोजगरा आज", Hindustan।
- ↑ "मिथिला का प्रसिद्ध लोक पर्व कोजागरा आज, तैयारी पूरी", www.livehindustan.com (हिन्दीमे), २०२४-१०-१६, अन्तिम पहुँच २०२५-१०-०३।
- ↑ "मिथिला की लोक संस्कृति का पर्व कोजागरा - kojagra puja to be celebrated today - Jharkhand Ranchi Common Man Issues News", Jagran (हिन्दीमे), अन्तिम पहुँच २०२५-१०-०२।
- 1 2 "मिथिला का प्रसिद्ध लोक पर्व कोजागरा आज, तैयारी पूरी", www.livehindustan.com (हिन्दीमे), २०२४-१०-१६, अन्तिम पहुँच २०२५-१०-०३।