जटजटिन नृत्य
जटजटिन नृत्य मिथिला क्षेत्र (वर्तमान मे दक्षिणी नेपाल आ उत्तरी बिहार) के एकटा पारम्परिक नृत्य अछि। जट-जटिन एकटा युगल नृत्य अछि जे सामान्यतः मानसूनक मौसममे पुरुष आ महिला द्वारा प्रस्तुत कयल जाइत अछि। एहि प्रस्तुतिमे एक युगलक आसन्न अलगावक भावनात्मक कथाकेँ दर्शायल गेल अछि, जखन पुरुष काज लेल रवाना होयबाक तैयारी करैत अछि, तखन महिला, दुखक रूप मे, अपन दुपट्टाकेँ लोर जकाँ फहरा कऽ ओकरा चारूकात घुमावैत अछि। एहि नृत्यक सङ्ग ढोलक आ मन्जिराक लयबद्ध ध्वनि होइत अछि, आ एहिमे वृत्ताकार पद-रचना होइत अछि। गीत, जे प्रायः स्वरमे मृदु होइत अछि, दुःख आ लचीलापन दुनूके विषयकेँ व्यक्त करैत अछि।[१]
परम्परा
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जट-जटिन नृत्य मिथिला क्षेत्रक एकटा पारम्परिक सांस्कृतिक आ धार्मिक प्रस्तुति थिक, जे सामान्यतः सुखाड़ कालमे महिलासभ द्वारा प्रस्तुत कयल जाइत अछि। मानल जाइत अछि जे बरखा अनबाक लेल वर्षाक देवता इन्द्रकेँ प्रसन्न करबाक चाही। मध्यरात्रिमे नृत्य प्रस्तुत कयल जाइत अछि, जाहिमे जट-जटिन गीत गाबनाय, वैदिक मन्त्रक जाप आ पारम्परिक पूजा समारोह सम्मिलित अछि। एहि नृत्यमे अभिव्यंजक पद-कार्य आ प्रतीकात्मक गति शामिल अछि, जे बरखाक लेल समुदायक आशाकेँ दर्शबैत अछि। ई अनुष्ठान प्राचीन मिथिला परम्पराक हिस्सा अछि, विशेष रूपसँ अपर्याप्त बरखाक कारण भेल कृषि संकटक समयमे एकर अभ्यास कयल जाइत अछि।[२]
सेहो देखू
[सम्पादन करी]सन्दर्भ
[सम्पादन करी]- ↑ "Nepali Dances of the Terai", Royal Mountain Travel |, अन्तिम पहुँच २०२५-१०-१३।
- ↑ "Saptari women begin 'Jat-Jatin' dance, to appease rain god", GorakhaPatra, अन्तिम पहुँच २०२५-१०-१३।