तिलोत्तमा

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तिलोत्तमाक पावै के लेल आपसमे लडैत राक्षस सुन्द आ उपसुन्द

तिलोत्तमा एक प्रसिद्ध अप्सराक नाम छी।

तिलोत्तमा कश्यपअरिष्टा क कन्या जे पूर्वजन्ममे ब्राह्मणी छल आ जेकरा असमय स्नान करै के अपराधमे अप्सरा होएके शाप मिलल छल। एक दोसर कथाक अनुसार ई कुब्जा नामक स्त्री छल जे अपन तपस्यासँ वैकुण्ठ पद प्राप्त केलक। ओ समय सुन्दउपसुन्द नामक राक्षससभक अत्याचार बहुत बढि गेल छल एही लेल हुनकर संहारक लेल ब्रह्मा विश्वक उत्तम वस्तुसभसँ तिल-तिल सौन्दर्य लावि ई अपूर्व सुन्दरीक रचना केलक (एहीसँ तिलोत्तमा नाम पडल)। ओकरा देखते ही दुनु राक्षस ओकरा पावे के लेल आपसमे लडै लगल आ दुनु एक दोसरद्वारा मारल गेल।

सुन्द आ उपसुन्दक जन्म आ विनाश[सम्पादन करी]

देवतासभक फडफडाहट[सम्पादन करी]

राजा सहस्रनिकाक लेल अभिशाप[सम्पादन करी]

जन्म आ पुनर्जन्म[सम्पादन करी]

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]

एहो सभ देखी[सम्पादन करी]