नारी उत्पीडन
भारतमे नारी उत्पीडन (ईव-टीजिंग) कहल जानेवाला शब्द मुख्य रूप सँ सार्वजनिक स्थल पऽ महिलाक प्रति पुरुष द्वारा कएल यौन उत्पीड़न अथवा छेडछाडक जनक अछि। “ईव” शब्द बाइबलक आदम-ईव कथा सँ सम्बद्ध अछि। एहि प्रकारक व्यवहार प्रायः नवयुवक पुरुषक अनुशासनहीनता सँ जुड़ल मानल जाएत अछि।[१]
ई यौन आक्रामकताक एक रूप अछि, जे हलुक अश्लील टिप्पणी, सीटि बजाब आ सार्वजनिक स्थलपर जानबुझिकय टकराइब सँ लऽ कऽ गम्भीर छेडछाड धरि विभिन्न रूपमे देखल जाएत अछि।[२][३][४]
भारतीय राष्ट्रिय महिला आयोग सुझाव दैत अछि जे ईव-टीजिंग कहल जानेवाला अभिव्यक्ति अपराधक गम्भीरताकेँ तुच्छ बनाबैछ आ एकर स्थान पऽ अधिक उपयुक्त शब्दक प्रयोग होबाक चाही। ओ तर्क दैत अछि जे भारतीय अङ्ग्रेजीमे एहि शब्दक अर्थ-संरचनाक जड़ ध्यानमे राखल जाए तँ ईव-टीजिंग ईवक प्रलोभनकारी स्वभाव केँ जनबैत अछि आ एहि तरहेँ जिम्मेवारी महिला पऽ दैत अछि, मानों ओहि ‘आकर्षक छेडनिहार’क भूमिका निभा रहल होइ।
एहो सभ देखी
[सम्पादन करी]सन्दर्भ सामग्रीसभ
[सम्पादन करी]- ↑ Shah, Giriraj (१९९३), "Eve-Teasing", Image Makers: An Attitudinal Study of Indian Police (Abhinav Publications): 233–34, आइएसबिएन 81-7017-295-0।
- ↑ "Lewd nature goes unchecked", The Times of India (Kanpur: Bennett, Coleman & Co. Ltd.), २६ फरबरी २००९।
- ↑ Venkataraman, Rajesh (१३ अप्रैल २००४), "Controlling eve-teasing", The Hindu, मूलसँ २८ सितम्बर २००४ मे सङ्ग्रहित।
- ↑ Khan, Shoeb (१५ फरबरी २००९), "Harassment in public places a routine for many", The Times of India (Jaipur), मूलसँ ६ नवम्बर २०१२ मे सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच ९ फरबरी २०१५।