भुसबा
| भुसबा | |
|---|---|
| प्रकार | चाउरसँ बनल लड्डु |
| पकवान | प्रसाद |
| क्षेत्र वा राज्य | मिथिला |
| निर्माणकर्ता | मैथिल महिला |
| मुख्य सामग्रीसभ | चाउर |
भुसबा भारतीय उपमहाद्वीपक मिथिला क्षेत्रमे पिसल चाउरसँ बनल एकटा विशेष लड्डु छी। सामान्यतः एहि क्षेत्रमे छठि पूजाक पावनिमे एकरा तैयारी कएल जाइत अछि। मिथिला क्षेत्र लगायत भारत तथा नेपालक बहुतेक क्षेत्रमे मनाएल जाइवला छठि पूजामे बनऽवला विभिन्न प्रकारक प्रसादसभमे भुसबा केर विशिष्ट स्थान अछि। मैथिल महिलासभ एकरा प्रसादक रूपमे तैयार करैत अछि। ई व्यञ्जन भगवान सूर्यनारायण आ छठी मैया केर चढ़ाओल जाइत अछि।[१][२] छठि पूजा भेलाक बाद भुसबा केर परिवारक सदस्य, रिश्तेदार आ भक्तसभद्वारा प्रसादक रूपमे ग्रहण कएल जाइत अछि।[३][४]
वर्णन
[सम्पादन करी]छठि पूजा केर प्रसादमे भुसबा केर विशेष महत्व अछि। भुसबा शब्दक मूल संस्कृत शब्द बुसपाक छी जकर अर्थ भुसा होइत अछि। मिथिला क्षेत्रमे भुसबा बनेबाक लेल गम्हड़ी धान प्रयोग कएल जाइत अछि। गम्हड़ी शब्दक मूल संस्कृत शब्द गर्भिणी होइत अछि। गर्भिणी धानक सीस समयानुकूल फुटैत नहि छै आ गर्भमे ई धान पाकि जाइत अछि। गम्हड़ी धान एकमात्र एहन अन्न छी जे ९० दिनमे तैयार भऽ जाइत अछि। छठि पावनिसँ पहिने तैयार भऽ जाएवाला ई एकमात्र अन्न केर चाउर पीस भुसबा बनाएल जाइत अछि। वैदिक कालमे सेहो ब्रीहि नामक एक एहन धान होइत छल जे ६० दिनमे तैयार भऽ जाइत छल। भूसबा चाउरक आटाक लड्डू छी। एकर मुख्य सामग्री पिसल चाउर छी। एकर प्रमुख सामग्रीसभमे पिसल चाउर बाहेक अन्य सामग्रीसभ घी आओर गुड़ छी। तहिना लड्डू केर स्वाद बढ़ेबाक लेल किछु इलाइंची आ सुखल फल सेहो मिलाओल जाइत अछि।[३]
बनबैक प्रक्रिया
[सम्पादन करी]सबसँ पहिने भुसबा बनेबाक लेल चाउर केर भिजाए एकरा रौदमे सुखाएल जाइत अछि। चाउर सुखलाक बाद घीमे एकरा भुजल जाइत अछि। तखन भुजल चाउर केर पीसल आटामे बदलि देल जाइत अछि। एकर बाद चाउरक आटासँ लड्डु बनैत अछि। भुजल आ पिसल चाउर केर आटामे गुड़क चूर्ण आ घी मिलाए केर गोलाकार लड्डु बनैत अछि। लड्डुमे प्रयोग कएल जाएवला गुड़ एकरा मिठास दैत अछि।[३]
सन्दर्भ सामग्रीसभ
[सम्पादन करी]- ↑ "पर्यावरण व जल संरक्षण का संदेश देता है छठ महापर्व - chhatth ryt", Jagran (हिन्दीमे), अन्तिम पहुँच २०२५-१०-२९।
- ↑ "Chhath: Festival Of Cleanliness, Purity And Devotion", GorakhaPatra, अन्तिम पहुँच २०२५-१०-२९।
- 1 2 3 "Chhath Puja 2025: ठेकुआ ही नहीं, छठ पूजा पर बनाई जाती है ये खास मिठाई", Zee-Hindi (हिन्दीमे), अन्तिम पहुँच २०२५-१०-२९।
- ↑ "Janakpurdham ponds illuminated and decorated for Chhath festival", Khabarhub (अङ्ग्रेजीमे), अन्तिम पहुँच २०२५-१०-२९।