मधुश्रावणी
| मधुश्रावणी पूजा | |
|---|---|
मिथिला क्षेत्रक महिलासब मधुश्रावणी पूजा मनबैत | |
| शैली | लोकप्रिय विश्वासक पावनि |
| आवृत्ति | वार्षिक |
| स्थान(सभ) | मिथिला |
| देश | भारत आ नेपाल |
| सहभागीसभ | मिथिला केर नवविवाहिता महिलासभ |
मधुश्रावणी मिथिला क्षेत्रमे नवविवाहिता मैथिल महिलाद्वारा मनाओल जाए वाला हिन्दू पर्व छी। ई लोक आस्था आ पति केर दीर्घायु आ मैथिल महिलामे सुखद वैवाहिक जीवनक लेल प्रसिद्ध अछि।[१][२][३] मान्यता अछि जे देवी पार्वती पहिने मधुश्रावणी पूजाक व्रत केनए छलीह आ अपन सभ जन्ममे भगवान शिव केर पतिक रूपमे पबैत रहलीह। किम्वदन्तीक अनुसार ई पावनि तपस्या जकाँ अछि।
१५ दिनक ई पावनि कृष्ण पक्षक पञ्चमीसँ साओन मासक शुक्ल पक्षक तृतीया धरि चलैत अछि।[१][४]
अवलोकन
[सम्पादन करी]एहि पावनिमे सासुरद्वारा देल गेल वस्त्र आ गहना कनियाँ पहिरबाक प्रथा अछि।[५] मधुश्रावणी पूजाक सब सामग्री पूजा आरम्भ होमएसँ एक दिन पहिने सासुरसँ पहुँचि जाइत अछि। ओकर बाद गामक नवविवाहिता महिला लोकनि फूल तोड़ि बिषहरि माता, नाग नागीन, केचुआ, हाथी, आ माँ गौरी केर मूर्ति कऽ विभिन्न तरहक फल, फूल आ मिठाईसँ पूजा करैत अछि। पूजा करैत काल महिलासब शिव विवाहक कथा श्रवन करैत अछि। पूजाक दौरान मैना पञ्चमी, मङ्गला गौरी, पृथ्वी जन्म, महादेव कथा, गौरी तपस्या, शिव विवाह, गङ्गा कथा, बिहुला कथा आ बाल वसन्त कथा सहित १४ खण्डमे कथा कहल जाइत अछि। ग्रामीण महिला मधुश्रावणी गीत गबैत अछि। मिथिला क्षेत्रक प्रत्येक गामक गली-गलीमे सुरीला मैथिली लोकगीतसँ गुञ्जायमान होइत रहैत अछि। एहि पावनिमे घरक बनाओल स्वादिष्ट मीठ भोजन परोसल जाइत अछि। पूजाक सातम्, आठम् आ नवम् दिन प्रसादक रूपमे खीर चढ़ाओल जाइत अछि।[१][५] सब दिन साँझ महिला आरती, सुहाग गीत आ कोहबर गाबि भगवान शिव केर खुश करबाक प्रयास करैत अछि। स्त्रीगण सभ दिन एक बेर अरवा भोजन करैत अछि। महिला सब भोर आ साँझ नाग देवता केर दूध आ लावा चढ़बैत अछि।
पावनिक अन्तिम दिन कनियाँ केर कठिन परीक्षा होइत अछि। कनियाँ केर हाथ आ पएर पर पानक पात राखि ओकरा सूती टेमीसँ जराएल जाइत अछि।
चित्र दीर्घा
[सम्पादन करी]- मधुश्रावणी केर पूजामे प्रयुक्त एक हाथी मूर्ति
- मधुश्रावणी पूजामे अर्पित फल।
- मधुश्रावणी करैत मैथिल महिला
- मिथिलाक मधुश्रावणी पावनि
- मैथिल महिला
- मैथिल महिला मधुश्रावणी पावनि मनबैत
सन्दर्भ सामग्रीसभ
[सम्पादन करी]- 1 2 3 "मधुश्रावणी पूजा शुरू होते ही गांवों की गलियां मैथिली लोक गीतों से गुंजायमान हुआ - मधुश्रावणी पूजा शुरू होते ही गांवों की गलियां मैथिली लोक गीतों से गुंजायमान हुआ - Bihar Araria Common Man Issues News", Jagran (हिन्दीमे), अन्तिम पहुँच २०२४-०७-१२।
- ↑ "Madhushravani: A festival celebrated by women of Mithila", kathmandupost.com (Englishमे), अन्तिम पहुँच २०२४-०७-१२।
- ↑ "madhushravani puja 2023 starts know role of brother", Prabhat Khabar (हिन्दीमे), २०२३-०७-०७, अन्तिम पहुँच २०२४-०७-१२।
- ↑ "अधिकमास की वजह से डेढ़ माह का होगा मधुश्रावणी व्रत, जानें पर्व की मुख्य बातें", Navbharat Times (हिन्दीमे), अन्तिम पहुँच २०२४-०७-१२।
- 1 2 राव, कुमुद रंजन (२०२२-०७-१८), "14 दिवसीय मधुश्रावणी व्रत शुरू, पति की लंबी आयु के लिए नवविवाहित महिलाएं करेंगी पूजा", www.abplive.com (हिन्दीमे), अन्तिम पहुँच २०२४-०७-१२।