महिला अधिकार

महिलाक अधिकार, विश्वभरि महिला आ कन्या लेल दाबी कएल गेल अधिकार आ विशेषाधिकार सभ अछि। ई अधिकार १९औं शताब्दीमे महिला अधिकार आन्दोलनक आधार बनल आ २०औं आ २१औं शताब्दीमे नारीवाद आन्दोलनक प्रेरणा भेल। किछु देशमे ई अधिकार क़ानून, स्थानीय परम्परा आ व्यवहार सँ संस्थागत आ समर्थित अछि, मुदा आन देशमे ई अधिकार अनदेखा कएल जाएत अछि आ दबा दएल जाएत अछि।
मानव अधिकारक व्यापक अवधारणासँ ई एतए भिन्न अछि जे महिलासभक अधिकारक दावीक मूलमे इतिहासिक आ परम्परागत पक्षपात रहल अछि, जे पुरुष आ लरिका केँ तरजीह दैत रहल अछि आ महिला आ कन्या केँ अधिकारक उपयोग सँ वंचित करैत रहल अछि।[१]
महिला अधिकारक धारणा सँ सामान्यतया जुड़ल मुद्दासभमे अपन शरीरक अखंडता आ स्वायत्तताको अधिकार, यौन हिंसासँ मुक्त रहबाक अधिकार, मतदान करबाक अधिकार, सार्वजनिक पद धारण करबाक अधिकार, कानूनी अनुबन्धमे प्रवेश करबाक अधिकार, पारिवारिक कानूनमे समान अधिकार, काम करबाक अधिकार, न्यायपूर्ण मजदूरी अथवा समान पारिश्रमिक पाबबाक अधिकार, प्रजनन अधिकार, सम्पत्ति own करबाक अधिकार आ शिक्षा पाबबाक अधिकार सामिल अछि।[२]
इतिहास
[सम्पादन करी]प्राचीन इतिहास
[सम्पादन करी]मेसोपोटामिया
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प्राचीन सुमेरमे महिलासभ संपत्ति किनबाक, अपन करबाक, बेचबाक आ उत्तराधिकारी बनबाक अधिकार राखैत छल। हुनका लोकनि व्यापार करबाक, आ अदालतमे साक्षी रूपेँ गवाही देबाक अधिकार छल। तथापि, हुनकर पति सामान्य कारण पर हुनका तलाक द सकैत छल, आ तलाक प्राप्त पति सहजेसँ दोसर महिला सँ विवाह क सकैत छल, यदि पहिल पत्नी ओहि लेल सन्तान नहि जनमौने रहथि। महिला देवतासभ, जइमे इनाना प्रमुख छल, व्यापक रूप सँ पूजित होइत छल। अक्कादियन कवियित्री एनहेदुआन्ना, जे इनानाक पुजारिन छलि, ओहि समयक पहिल कवि छथि जिनकर नाम लिपिबद्ध रूपमे भेटैत अछि।
प्राचीन बाबिलोनीय कानूनी संहितासभ पति केँ कोनो कारण सँ पत्नी केँ तलाक देबाक अनुमति दैत छल, मुदा एहन परिस्थिति मे ओकरा पत्नी केँ सम्पूर्ण सम्पत्ति वापस करबाक पड़ैत छल आ कहियो-कहियो दण्डस्वरूप रुपैया सेहो देबाक पड़ैत छल। अधिकांश कानूनी संहितासभ महिलासभ केँ पति सँ तलाक मंगबाक अधिकार नहि दैत छल आ ओहि पर ओहि समान दण्ड लगबैत छल जे दण्ड व्यभिचारक केसमे लगाओल जाइत छल। तथापि, किछु बाबिलोनीय आ अस्सिरियन कानून महिलासभ केँ पुरुष सभ समान तलाकक अधिकार दैत छल, जेकरा लेल हुनका सेहो समान दण्ड दऽ पड़ैत छल। पूर्व सेमिटिक सभ्यतासभमे बहुलांश देवता पुरुष छलाह।
एहो सभ देखी
[सम्पादन करी]सन्दर्भ सामग्रीसभ
[सम्पादन करी]- ↑ Hosken, Fran P., 'Towards a Definition of Women's Rights' in Human Rights Quarterly, Vol. 3, No. 2. (May 1981), pp. 1–10.
- ↑ Lockwood, Bert B. (ed.), Women's Rights: A "Human Rights Quarterly" Reader (Johns Hopkins University Press, 2006), आइएसबिएन ९७८-०-८०१८-८३७४-३.