मिथिला शैलीक मधुबनी चित्र
परिचय
[सम्पादन करी]ई चित्रकला प्राचीन काल सँ मिथिला क्षेत्रक महिला कलाकारसभ द्वारा अपन घरक भित्ति, दरबज्जा, आँगन आ कोहबर कोठरी (विवाह समय) पर बनाओल जाइत छल। मूलतः ई कला नारी-सृजनात्मकता, धार्मिक आ सांस्कृतिक मान्यता, आ प्राकृतिक संग संबंध केँ उजागर करैत अछि।
मधुबनी चित्र रंग, रेखा, ज्यामितीय डिजाइन, प्रतीकात्मकता, धार्मिकता आ लोक–विश्वास सँ भरल रहैत अछि। ई चित्रमें भगवान–भगवती (राम, सीता, कृष्ण, राधा, लक्ष्मी, शिव, दुर्गा आदि), प्रकृति (सूर्य, चंद्रमा, वृक्ष, फूल–पात, जल–जीव), लोक जीवन, सामाजिक आयोजन (विवाह, अनुष्ठान), आ पशु–पक्षी मुख्य विषय रूपेण चित्रित होइत अछि।
मधुबनी चित्रकला में प्रयोग होयवाला रंगसभ प्राकृतिक होइत अछि — जइमे हल्दी सँ पील, पलाश सँ लाल, नीम वा पानक पात सँ हरियर, काजर सँ काल्हा, आ धानक माटि सँ धूसर रंग बनाओल जाइत अछि। चित्र बनाबय लेल बाँसक कलम, कपड़ा, रूई या उंगलीक प्रयोग होइत अछि।
एहि चित्रकला केँ अपन विशेष शैली, प्रतीक आ परंपरा हेतु 2006 ईस्वी में भारत सरकार द्वारा GI (Geographical Indication) टैग देल गेल अछि, जे एहि कला केँ वैश्विक मंच पर विशिष्टता प्रदान करैत अछि।
वर्तमान समय में ई चित्र केवल दीवार नहि, बल्कि कागज, कापड़, हैंडबैग, साड़ी, टी-शर्ट, ग्रीटिंग कार्ड, होम डेकोर आइटम पर सेहो बनाओल जाइत अछि। मिथिलाक ई अद्भुत कला नारी स्वावलंबन, ग्रामीण रोजगार, आ भारतीय सांस्कृतिक निर्यात केर महत्वपूर्ण साधन बनि गेल अछि।
"मधुबनी चित्र एक मात्र कला नहिं, ई मिथिलाक आत्मा छी।"
इतिहास
[सम्पादन करी]मधुबनी चित्रकला के इतिहास अत्यंत प्राचीन आ गौरवशाली रहल अछि। एहि चित्रकला केर उद्भव भारतक मिथिला क्षेत्र मे भेल, जे आजुक समय मे बिहार राज्यक दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सुपौल, आ नेपालक तराई क्षेत्र मे स्थित अछि। ई चित्रकला एक सांस्कृतिक धरोहर मानल जाइत अछि आ ऐतिहासिक, धार्मिक आ सामाजिक दृष्टिकोण सँ महत्वपूर्ण अछि।
प्राचीन उत्पत्ति
[सम्पादन करी]लोकक कथन अनुसार, जब राजा जनक अपन पुत्री सीता के विवाह भगवान राम संग तय केलनि, तऽ ओ दरभंगाक राजमहल के दीवार सभ के सजाबय लेल मिथिला क्षेत्रक महिला कलाकार सभ केँ आदेश देलनि। ओहि समय महिला सभ अपन घरक दीवाल पर भगवान-भगवती, विवाहक दृश्य, पशु-पक्षी, आ लोकक कथाक चित्र बनौलक। एही दैनंदिन परंपरा सँ मधुबनी चित्रकला जन्म ल' लेलक।
धार्मिक पृष्ठभूमि
[सम्पादन करी]मिथिला क्षेत्र सदैव सँ हिंदू धर्म, तांत्रिक परंपरा, आ वैदिक संस्कृति केर गढ़ रहल अछि। एकर प्रभाव मधुबनी चित्र मे स्पष्ट देखल जाइत अछि – काली, दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, एवं शिव-पार्वती, राम-सीता, राधा-कृष्ण केर चित्रण अत्यधिक प्रचलित अछि। बहुत चित्र तांत्रिक यंत्र, रेखा आ रंगक प्रयोग सँ विशेष प्रभाव उत्पन्न करैत अछि।
लोक जीवनक प्रतिबिंब
[सम्पादन करी]मधुबनी चित्रकला केवल धार्मिक नहि, बल्कि ग्राम्य जीवन, सामाजिक घटनाक्रम, मौसम, आ जीवन-चक्र के प्रतीक रूप मे सेहो विकसित भेल। एकर विषय मे विवाह, कोहबर, माटि पूजा, हरतालिका तीज, खेती-बारी, मछली, हाथी, सूरज, चंद्रमा, तुलसी वृक्ष आदि देखल जाइत अछि।
पत्थर युग सँ कागज तक
[सम्पादन करी]प्रारंभ मे ई चित्र माटिक दीवाल, गोबर लेप, आ कच्चा घरक भीतरी भाग पर बनाओल जाइत छल। लेकिन कालांतर मे, विशेषतः 1960 क दशक मे, जब बिहार मे भयंकर भूकंप (1934) आयल आ एक ब्रिटिश ऑफिसर विएटन द्वारा दीवाल पर ई अद्भुत चित्र देखल गेल, तऽ ओहि सँ प्रेरणा ल’ कलाकार सभ केँ कागज आ हैंडमेड पेपर पर चित्र बनाबय लेल प्रेरित कएल गेल।
आधुनिक यात्रा
[सम्पादन करी]1970 क दशक मे भारत सरकार, मिथिला लोक कलाकार सभ के पहचान देलनि। प्रसिद्ध कलाकार सीता देवी, गोदावरी दत्त, बौआ देवी, आदि केँ राष्ट्रीय पुरस्कार आ पद्मश्री सम्मान भेटल। कालांतर मे एहि चित्रकला केँ "Geographical Indication" (GI Tag) 2006 मे भेटल।
आज मधुबनी चित्र भारत आ विश्व मे लोककला, नारी सशक्तिकरण, आ मूल्य आधारित परंपरा केर प्रतीक बनि चुकल अछि। एकर व्यापार जापान, फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी आदि देश मे खूब फैलल अछि।
प्रमुख विशेषता
[सम्पादन करी]मधुबनी चित्रकला या मिथिला शैलीक चित्र अपन विशिष्ट रंग, विषयवस्तु आ शैलीक कारण सँ लोकमानस मे विशेष स्थान प्राप्त केने अछि। एहि चित्रकला मेँ जे प्रमुख विशेषता सभ देखल जाइत अछि, ओ निचाँ दऽ रहल छी:
- प्राकृतिक रंगक उपयोग – ई चित्रक विशेषता अछि जे एहि मे कवनो केमिकल या कृत्रिम रंगक प्रयोग नै होइत अछि।
रंग बनबय लेल हल्दी (पियहर रंग), नील (नील रंग), लाल माटि (गेरुआ), पलाश फूल (लाल रंग), कोयला सँ काजर (काली रेखा) उपयोग होइत अछि। रंग सुरक्षित बने रहय लेल गोंद, नीमक पातक रस आ गायिक गोबर सेहो उपयोग होइत अछि।
- चित्र बनाबय के उपकरण –
परंपरागत रूप सऽ बाँसक सींक केँ काटि के ब्रश बनाओल जाइत अछि। कपड़ा, रूई, तुलिका, काठी आदि सस्ता आ सुलभ उपकरण उपयोग कएल जाइत अछि। कोनोकाति कलम जैसन औजार प्रयोग नै होइत अछि – सब किछ अपन लोक साधन स।
- विषय-वस्तु (थीम) –
धार्मिक चित्र – राम, सीता, कृष्ण, राधा, शिव-पार्वती आदि। सौर मंडल आ प्रकृति – सूर्य, चंद्रमा, वर्षा, वृक्ष, जल स्रोत। सामाजिक चित्रण – विवाह, लोकनृत्य, स्त्री जीवन, पशु-पक्षी, मछरी, हाथी, मोर। समकालीन विषय – पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण, कोविड-19 जेकाँ आधुनिक थीम सेहो चित्र मे देखल गेल अछि।
- चित्र शैली – नीचे दी जा रहल तालिका मेँ विभिन्न शैलीक तुलना कएल गेल अछि:
| शैली | चित्र वर्णन | उपयोग |
|---|---|---|
| भरनी | रंग भरल चित्र, सामान्यतः देवी-देवताक आकर | धार्मिक चित्रण आ पूजा स्थान पर सजावट |
| कचनी | केवल रेखा सँ बनाओल चित्र, ज्यादातर काजर आ नील उपयोग | दार्शनिक आ सूक्ष्म चित्र |
| गोदना | गोदना (टैटू) शैलीक चित्र, काजर आधारित | ग्रामीण शरीर सौंदर्य आ पौराणिक कथा |
| कोहबर | नवदम्पतीक शयन कक्ष मे बनाओल गेल चित्र | विवाह, प्रेम, उर्वरता, मंगलक प्रतीक |
चित्रदीर्घा
[सम्पादन करी]- सीता-हनुमान मिलन
- सीता-राम विवाह
- मिथिला शैलीक मधुबनी चित्रकला
प्रमुख कलाकार
[सम्पादन करी]- सीता देवी (मधुबनी चित्रकार)
- गोदावरी दत्त
- बौआ देवी
- भूमिका देवी
वैश्विक मान्यता
[सम्पादन करी]- भारत सरकार द्वारा 2006 में GI टैग प्राप्त
- युनेस्को द्वारा प्रदर्शनी समर्थन
- जापान, अमेरिका, फ्रांस में उच्च मांग
संरक्षण प्रयास
[सम्पादन करी]- Crafts Council of India द्वारा प्रशिक्षण
- मिथिला आर्ट इंस्टिट्यूट द्वारा डिजिटलीकरण
संदर्भ
[सम्पादन करी]- सिंह, डॉ. रामबाबू (2010). मिथिला चित्रकला – एक परंपरा. पटना विश्वविद्यालय: मिथिला शोध संस्थान. एहि पुस्तक में मधुबनी चित्रक ऐतिहासिक विकास, शैली आ स्त्री शिल्पकारक योगदान पर विशेष अध्याय अछि।
- कुमारी, रंजना (2015). भारतीय लोककला में मिथिला चित्रकला. नई दिल्ली: नेशनल पब्लिकेशन. लेखक चित्रकला के प्रतीक, रंग शैली, धार्मिक स्वरूप, आदि पर विस्तार स वर्णन करैत छथि।
- Sharma, A. & Verma, S. (2018). "Madhubani Art: Tradition, Market and Women Empowerment". *Journal of Indian Culture and Heritage Studies*, Volume 4, Issue 2, pp. 45–59. – ई शोधपत्र महिला सशक्तिकरण में मधुबनी चित्रक भूमिका पर केन्द्रित अछि।
- Ministry of Textiles, Government of India (2006). *Geographical Indications (GI) Registry Report*. New Delhi. – एहि रिपोर्ट में मधुबनी चित्रकला केँ GI टैग भेटलाक आधिकारिक विवरण उपलब्ध अछि।
- मधुबनी चित्रकला पोर्टल – [permanent dead link](https://www.madhubanipainting.org सङ्ग्रहित २०२४-०८-०९ वेब्याक मेसिन) – मिथिला चित्रकला सँ जुड़ल कलाकार, डिजाइन, प्रशिक्षण केन्द्र, तथा उत्पाद विवरण लेल एक प्रमाणिक स्रोत।
- दत्ता, गोदावरी (2003). रंग–रेखा–मिथिला. दरभंगा: महिला चित्रकार संघ। – लेखक स्वयं प्रख्यात चित्रकार छथि जे अपन अनुभव द्वारा चित्रक विभिन्न शैली सभकेँ समेटल छथि।
- UNESCO (2012). *Folk Arts of South Asia – Cultural Report*. Paris: UNESCO Publishing. – ई रिपोर्ट में मधुबनी चित्रकला केँ विश्व सांस्कृतिक धरोहरक हिस्सा मानल गेल अछि।
- Crafts Council of India (CCI). *Annual Craft Report – Bihar Region*, 2020. Chennai. – ई रिपोर्ट चित्रकला के प्रशिक्षण, बाज़ारिकरण, आ राज्य सरकारक योजनाक समीक्षा करैत अछि।
- मणिकांत झा (2022). मिथिलाक चित्र संस्कृतिक विश्व में पहचान. *मिथिला समीक्षा पत्रिका*, अंक – 18. – एहि लेख में चित्रकला केँ वैश्विक मंच पर पहुँचबाक यात्रा वर्णित अछि।
- राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास निगम – (https://www.handicrafts.nic.in) – भारत सरकारक आधिकारिक वेबसाइट जाहिसँ मधुबनी चित्र आ अन्य लोककलाक बाज़ार नीति बुझा सकैत छी।
बाहीरी कड़ी
[सम्पादन करी]- English Wikipedia – Madhubani Art
- Crafts Council of India
- Ministry of Handicrafts, India
- English Wikipedia – Madhubani Art – मधुबनी चित्रकला पर अंग्रेजी विकिपीडिया पृष्ठ।
- Crafts Council of India – भारतक हस्तशिल्प सभक संरक्षण हेतु राष्ट्रस्तरीय परिषद।
- Ministry of Handicrafts, India – भारत सरकारक वस्त्र एवं हस्तशिल्प मंत्रालय।
- IGNCA - Madhubani Painting – इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा मधुबनी चित्रकला पर दस्तावेजी विवरण।
- Mithila Painting Official Portal सङ्ग्रहित २०२३-०६-०४ वेब्याक मेसिन – मधुबनी चित्रक प्रमाणीकरण, प्रशिक्षण आ विक्री हेतु समर्पित पोर्टल।
- Indian Folk Art – Madhubani – भारतक प्रमुख लोक कलाक श्रेणी में मधुबनी पर विस्तृत सामग्री।
- Sahapedia - Madhubani Art Tradition of Bihar[permanent dead link] – सहपीडिया द्वारा बिहारक मधुबनी चित्र पर लेख आ इंटरव्यू।
- Documentary – Colors of Mithila – मिथिला चित्रकला पर एक सुंदर डॉक्युमेंट्री (YouTube, IGNCA)।
- D'Source – IIT Bombay – IIT बॉम्बे द्वारा बनाओल गेल ई-लर्निंग पोर्टल पर मधुबनी चित्र पर अध्ययन सामग्री।
- IndiaArt Gallery – Madhubani Paintings[permanent dead link] – मधुबनी चित्रकला बिक्री एवं कलाकार प्रोफ़ाइल।
- Kalanjali – Handicrafts & Madhubani – कलांजली पोर्टल पर प्रामाणिक मधुबनी उत्पाद।
- EthnicPaintings.com[permanent dead link] – पारंपरिक मधुबनी चित्रक जानकारी एवं कलाकृति प्रदर्शन।