मैनफ्रेड (सिसिली का राजा)
| मैनफ्रेड | |
|---|---|
| सिसिलीक राजा | |
राजा मैनफ्रेडक मध्ययुगीन चित्रण | |
| शासनकाल | १० अगस्त १२५८ – २६ फरवरी १२६६ |
| राज्याभिषेक | १० अगस्त १२५८ (पलेर्मो) |
| पूर्वाधिकारी | कॉनराडिन |
| उत्तराधिकारी | चार्ल्स प्रथम |
| जन्म | १२३२ ई. वेनोसा, सिसिलीक राज्य |
| मृत्यु | २६ फरवरी १२६६ (उमरि ३४ केर आसपास) बेनेवेंटोक युद्ध |
| जीवनसाथी |
|
| सन्तान |
|
| घराना | होहेंस्टौफेन (Hohenstaufen) |
| पिता | फ्रेडरिक द्वितीय, पवित्र रोमन सम्राट |
| माता | बियांका लान्सिया |
| धर्म | रोमन कैथोलिक |
मैनफ्रेड (इटालियन: Manfredi di Sicilia; १२३२ – २६ फरवरी १२६६) होहेंस्टौफेन राजवंशक एकटा शासक छलाह, जे १२५८ सँ अपन मृत्यु धरि सिसिलीक राजाक रूप मे कार्य केलन्हि। ओ पवित्र रोमन सम्राट फ्रेडरिक द्वितीय आ बियांका लान्सियाक पुत्र छलाह।[१] फ्रेडरिक द्वितीयक मृत्युक पश्चात, मैनफ्रेड सिसिली पर अपन राजवंशक नियन्त्रण राखबाक निरन्तर प्रयास केलन्हि, जकर परिणाम स्वरूप हुनक पोप आ फ्रांसीसी सेनाक संगे दीर्घ सैन्य आ राजनीतिक सङ्घर्ष चलल।
प्रारम्भिक जीवन
[सम्पादन करी]मैनफ्रेडक जन्म १२३२ ईसवी मे इटलीक वेनोसा मे भेल छल। ऐतिहासिक विवरण सभक अनुसार, हुनक पिता फ्रेडरिक मृत्यु शय्या पर बियांका लान्सियाक संगे विवाह कऽ कऽ मैनफ्रेड केँ वैध उत्तराधिकारीक दर्जा देलन्हि। १२५० मे फ्रेडरिकक मृत्युक पश्चात, मैनफ्रेड अपन सौतेला भाय कॉनराड चतुर्थक अधीन इटली मे शाही हितक प्रतिनिधिक रूप मे कार्य केलन्हि।[२]
सत्ता प्राप्ति आ पोपक संगे सङ्घर्ष
[सम्पादन करी]१२५४ मे कॉनराड चतुर्थक मृत्युक पश्चात राज्यक उत्तराधिकार केँ लऽ कऽ विवाद उत्पन्न भेल। कॉनराडक शिशु पुत्र, कॉनराडिन, ओहि समय जर्मनी मे छल। स्थिति केँ देखैत मैनफ्रेड सिसिलीक राज-प्रतिनिधि (रीजेंट) केर रूप मे सत्ता सम्हारलन्हि। दोसर दिस, कैथोलिक चर्चक पोप सिसिली सँ होहेंस्टौफेन वंशक प्रभाव केँ समाप्त करय चाहैत छलाह। १२५८ मे जखन ई जनरव (अफवाह) फैलल जे कॉनराडिनक मृत्यु भऽ गेल अछि, तखन मैनफ्रेड पलेर्मो मे स्वयं केँ सिसिलीक राजा घोषित कऽ देलन्हि।[३]
बाद मे कॉनराडिनक जीवित हेबाक सत्य प्रकाश मे आयल, मुदा मैनफ्रेड राजपद त्यागबा सँ अस्विकार कऽ देलन्हि। पोप एहि राज्याभिषेक केँ अवैध घोषित केलन्हि आ मैनफ्रेड केँ कैथोलिक चर्च सँ बहिष्कृत (Excommunicate) कऽ देलन्हि। तथापि, मैनफ्रेड इटली मे गिल्बलाइन (Ghibelline - शाही समर्थक) दलक नेतृत्व करैत अपन राजनीतिक आ सैन्य शक्ति बढ़ौलन्हि।[४]
कूटनीति आ संस्कृति
[सम्पादन करी]अपन पिताक समान, मैनफ्रेड सेहो विज्ञान, कला आ साहित्यक संरक्षक छलाह। हुनक दरबार मे अरबी, यहूदी आ ईसाई विद्वान कार्य करैत छलाह। ओ पूर्वी भूमध्यसागरक शासक सभ, विशेषकर मिस्रक मामलुक सुल्तान सभक संगे कूटनीतिक सम्बन्ध स्थापित केलन्हि आ प्रतिनिधिमण्डल सभक आदान-प्रदान केलन्हि।[५]
अपन राजनीतिक स्थिति सुदृढ़ करबाक हेतु मैनफ्रेड अपन पुत्री कॉन्स्टेंसक विवाह आरागॉनक शासक पीटर तृतीयक संगे कऽ देलन्हि। ई गठबन्धन आगाँ चलि कऽ इटलीक राजनीति मे अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रमाणित भेल।
बेनेवेंटोक युद्ध आ मृत्यु
[सम्पादन करी]पोप अर्बन चतुर्थ आ हुनक उत्तराधिकारी पोप क्लेमेंट चतुर्थ मैनफ्रेड केँ सत्ता सँ हटेबाक हेतु फ्रांसक राजा लुई नौमक भाइ, चार्ल्स ऑफ एंज़ो (Charles of Anjou) केँ सिसिलीक राज्य सौंपबाक प्रस्ताव राखलन्हि।[६]
चार्ल्स एकटा विशाल सेना लऽ कऽ इटली पहुँचलाह। २६ फरवरी १२६६ केँ बेनेवेंटोक युद्ध (Battle of Benevento) मे दुनू सेनाक मध्य सङ्घर्ष भेल। एहि युद्ध मे मैनफ्रेडक सेना पराजित भेल आ ओ लड़ैत वीरगति केँ प्राप्त भेलाह।[४] कारण जे मैनफ्रेड केँ चर्च द्वारा बहिष्कृत कएल गेल छल, ताहि कारणेँ हुनका पारम्परिक ईसाई विधि सँ दफनेबाक अनुमति नहि भेटलन्हि। शव केँ युद्ध भूमिक समीप पाथरक नीचाँ दफनाओल गेल आ बाद मे पोपक आदेश पर हुनक अवशेष केँ राज्यक सीमा सँ बाहर फेकि देल गेल।[७]
साहित्य मे उल्लेख
[सम्पादन करी]मैनफ्रेडक जीवन आ युद्ध मे भेल हुनक मृत्युक पश्चातक घटना सभ कतेको लेखक आ कलाकार सभ केँ प्रभावित केलक। इतालवी कवि दांते अलीघिएरी अपन कृति डिवाइन कॉमेडी (पुर्गाटोरियो खण्ड) मे मैनफ्रेडक उल्लेख केने छथि। दांते तत्कालीन चर्चक निर्णणक विपरीत, मैनफ्रेड केँ नरक मे नहि देखाबि कऽ 'शोधन स्थल' (Purgatory) मे चित्रित केने छथि, जे एहि बातक प्रतीक अछि जे मृत्युक समय ओ ईश्वर सँ क्षमा माँगि लेने छलाह।[८]
संदर्भ
[सम्पादन करी]- ↑ Abulafia, David (1992) (enमे). Frederick II: A Medieval Emperor. Oxford University Press. आइएसबिएन 978-0-19-508040-7. https://books.google.co.in/books?id=sgufggLomo8C&redir_esc=y.
- ↑ Emmerson, Richard K. (2013-10-18) (enमे). Key Figures in Medieval Europe: An Encyclopedia. Routledge. आइएसबिएन 978-1-136-77519-2. https://books.google.co.in/books?id=BhyOAQAAQBAJ&pg=PA440&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false.
- ↑ Previté-Orton, C. W. (1975-07-24) (enमे). Cambridge Medieval History, Shorter: Volume 2, The Twelfth Century to the Renaissance. Cambridge University Press. आइएसबिएन 978-0-521-20963-2. https://books.google.co.in/books?id=53I5AAAAIAAJ&pg=PA696&redir_esc=y.
- 1 2 Runciman, Steven (1958). The Sicilian vespers [Texte imprimé : a history of the Mediterranean world in the later thirteenth century]. Internet Archive. Cambridge : the University press. http://archive.org/details/sicilianvesperst00runc.
- ↑ Bennett, Matthew; Weikert, Katherine (2016-09-13) (enमे). Medieval Hostageship c.700-c.1500: Hostage, Captive, Prisoner of War, Guarantee, Peacemaker. Routledge. आइएसबिएन 978-1-134-99612-4. https://books.google.co.in/books?id=W8FRDQAAQBAJ&pg=PT230&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false.
- ↑ Berg, Beverly, "Manfred of Sicily and Urban IV: Negotiations of 1262", Mediaeval Studies (अङ्ग्रेजीमे) 55: 111–136, आइएसएसएन 0076-5872, डिओआई:10.1484/J.MS.2.306406।
- ↑ Gregorovius, Ferdinand (2010) [1897]. History of the City of Rome in the Middle Ages. Vol. 5, Part 2. Cambridge University Press
- ↑ Alighieri, Dante (2003). Purgatorio (1 संस्करण). New York: Anchor Books. आइएसबिएन 978-0-385-49700-8. https://openlibrary.org/books/OL23100263M/Purgatorio.
स्रोत ग्रन्थ
[सम्पादन करी]- Abulafia, David (1992). Frederick II: A Medieval Emperor. Oxford University Press. ISBN 978-0-19-508040-7.
- Alighieri, Dante (2004). Purgatorio. Anchor. ISBN 978-0385497008.
- Behrens-Abouseif, Doris (2016). Practising diplomacy in the Mamluk Sultanate. London: I. B. Tauris. ISBN 978-1-78453-703-6.
- Berg, Beverly (1993). "Manfred of Sicily and Urban IV: negotiations of 1262". Mediaeval Studies. 55: 111–136.
- Gregorovius, Ferdinand (2010) [1897]. History of the City of Rome in the Middle Ages. Vol. 5, Part 2. Cambridge University Press.
- Lomax, John (2013). "Manfred". In Richard K. Emmerson (ed.). Key Figures in Medieval Europe: An Encyclopedia. Routledge. ISBN 978-1-136-77519-2.
- Previté-Orton, C. W. (1975). Cambridge Medieval History, Shorter: Volume 2. CUP Archive. ISBN 978-0-521-09977-6.
- Runciman, Steven (1958). The Sicilian Vespers: A History of the Mediterranean World in the Later Thirteenth Century. Cambridge University Press.
बाहरी कड़ी सभ
[सम्पादन करी]