यईश इब्न इब्राहीम अल-उमवी
यईश इब्न इब्राहिम अल-उमवी | |
|---|---|
يعيش بن إبراهيم الأموي | |
| जन्म | 14म शताब्दी |
| मृत्यु | 14म शताब्दी (लगभग 1373 केर बाद सक्रिय) |
उल्लेखनीय कार्यसभ | मरासिम अल-इंतिसाब |
यईश इब्न इब्राहिम अल-उमवी (अरबी: يعيش بن إبراهيم الأموي; सक्रिय काल 14म शताब्दी) एकटा प्रमुख अरब-अंडालूसी गणितज्ञ छलाह। हुनक जन्म स्पेनक अल-अंडालस क्षेत्र मे भेल छल, मुदा ओ अपन जीवनक अधिकांश समय आ कर्मक्षेत्र सीरियाक ऐतिहासिक शहर दमिश्क मे बितौलन्हि। हुनका मुख्य रूप सँ अंकगणित (Arithmetic) केर क्षेत्र मे हुनक महत्त्वपूर्ण कार्य सभक हेतु जानल जाइत अछि। ओ गणितीय नियम सभ केँ सरल बनेबापर आ ओकरा व्यावहारिक अनुप्रयोग सभ, जेना कर (Taxation) आ विरासतक बँटवारा (उत्तराधिकार) मे उपयोग करबापर विशेष बल देलन्हि।[१]
जीवनी आ पृष्ठभूमि
[सम्पादन करी]अल-उमवीक पूरा नाम अबू अब्दुल्लाह यईश इब्न इब्राहिम इब्न यूसुफ इब्न सिमाक अल-अंडालूसी छल। जेना कि हुनक नाम 'अल-अंडालूसी' सँ स्पष्ट अछि, हुनक मूल सम्बन्ध मुस्लिम स्पेन सँ छल। ओ एकटा एहन समय मे दमिश्क चलि गेलाह जखन ई शहर इस्लामी दुनिया मे विज्ञान आ शिक्षाक एकटा पैघ केन्द्र बनि चुकल छल। दमिश्क मे ओ एकटा शिक्षकक रूप मे काज केलन्हि आ गणितीय सिद्धान्त सभ पर शोध केलन्हि। हुनक जीवनक विषय मे बहुत अधिक विवरण उपलब्ध नहि अछि, मुदा हुनक द्वारा लिखल गेल पाण्डुलिपि सभ सँ ई स्पष्ट होइत अछि जे ओ 1373 ईसवी (हिजरी 775) केर आसपास सक्रिय छलाह।
गणितीय योगदान
[सम्पादन करी]अल-उमवीक सभ सँ महत्त्वपूर्ण योगदान हुनक प्रसिद्ध पुस्तक मरासिम अल-इंतिसाब फ़ी इल्म अल-हिसाब (Marasim al-intisab fi 'ilm al-hisab) अछि। ई पुस्तक अंकगणितक नियम आ प्रक्रिया सभ पर केन्द्रित अछि। एहि मे ओ निम्नलिखित क्षेत्र सभ पर विस्तार सँ चर्चा केने छथि:
1. अंकगणितीय संचालन: ओ जोड़, घटाव, गुणा आ भागक जटिल प्रक्रिया सभ केँ बुझबाक हेतु सरल विधि प्रस्तुत केलन्हि।
2. वर्ग आ घन (Squares and Cubes): ओ संख्या सभक वर्ग आ घनक योग ज्ञात करबाक हेतु विशेष सूत्र सभक उल्लेख केलन्हि।
3. व्यावहारिक अनुप्रयोग: अल-उमवी गणित केँ केवल सैद्धान्तिक नहि राखलन्हि, अपितु ओकरा दैनिक जीवनक समस्या सभ, जेना व्यापारिक गणना, भूमि मापन आ सरकारी कर (Taxation) सँ जोड़लन्हि।
4. विरासत गणना: इस्लामी कानून (शरिया) केर अनुसार विरासतक बँटवारा मे गणितक बहुत महत्त्व अछि, आ अल-उमवी एहि जटिल प्रक्रिया केँ हल करबाक हेतु सटीक गणितीय विधि सभ प्रदान केलन्हि।
हुनक कार्यशैलीक एकटा पैघ विशेषता ई छल जे ओ भारतीय गणितीय पद्धति सभ आ अरबी गणितीय परम्परा सभक बीच एकटा पुलक रूप मे काज केलन्हि।[२]
प्रमुख रचना सभ
[सम्पादन करी]अल-उमवीक रचना सभ 14म आ 15म शताब्दीक गणितीय साहित्यक अभिन्न हिस्सा रहल अछि:
- मरासिम अल-इंतिसाब फ़ी इल्म अल-हिसाब: ई हुनक सभ सँ प्रसिद्ध कृति अछि। एकरा 1981 मे अहमद सलीम सैदान द्वारा सम्पादित आ प्रकाशित कएल गेल छल।[३]
- रफ अल-इश्काल फ़ी मारिफ़त अल-अश्काल: ई ज्यामिति (Geometry) पर आधारित एकटा लघु ग्रन्थ अछि।
इतिहासकार आ शोधकर्ता सभ अल-उमवी केँ एकटा एहन विद्वानक रूप मे मान्यता दैत छथि जे मध्यकालीन गणितीय परम्परा केँ संरक्षित करबा आ ओकरा आगाँ बढ़यबा मे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभौलन्हि।[४]
संदर्भ
[सम्पादन करी]- ↑ "Al-Umawi - Biography", Maths History (अङ्ग्रेजीमे), अन्तिम पहुँच २०२६-०३-०७।
- ↑ Gibb, H.A.R. (1970) (enमे). The Encyclopaedia of Islam. Brill.
- ↑ Ahmad Salim Saidan (ed.), Yaish ibn Ibrahim al-Umawi, On arithmetical rules and procedures (Aleppo, 1981).
- ↑ Saidan, A. S. (1970). Dictionary of Scientific Biography. Charles Scribner's Sons. आइएसबिएन 0-684-10114-9.