सामग्री पर जाएँ

वसूरीमाला

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
वसूरीमाला
वसुरीमाला का चित्र
संबद्धताहिंदू धर्म
क्षेत्रकेरल, भारत
निजी जानकारियाँ
जीवनसाथीदारिकन (असुर)

वसूरीमाला केरल के बहुत भाग आ कर्नाटक के कोडगु क्षेत्र में पूजल जाय वाला महिला देवता छै । भद्रकाली या शिव मंदिर में उपदेवता (उपदेवता) के रूप में पूजल जाइत छथि । वसूरीमाला एकटा एहन देवता मानल जाइत अछि जे चेचक, चेचक, आ खसरा सन संक्रामक रोग के रोकैत अछि । उत्तर केरल में वसूरीमाला के पूजा आ वसूरीमाला थेयम के रूप में कयल जाइत अछि । मिथक के अनुसार डारिकन नामक असुर के पत्नी मनोदरी के बाद में वसूरीमाला के नाम राखल गेल छल ।

शब्द-साधन

[सम्पादन करी]

वसूरी चेचक रोग केरऽ मलयालम शब्द छेकै ।[] वासूरिमाला केरऽ शाब्दिक अर्थ होय छै चेचक केरऽ पुस्टल केरऽ श्रृंखला ।[]

पृष्ठभूमि

[सम्पादन करी]

प्राचीन काल मे ई मानल जाइत छल जे रोग भगवानक क्रोध सँ होइत अछि ।[] तेँ रोग बोनिहार देवता आ चिकित्सा करयवला देवताक पूजा करैत छलाह । वासूरीमाला चेचक, चेचक, खसरा आदि संक्रामक रोगक देवता मानल जाइत अछि ।[] केरल केरऽ मंदिरऽ म॑ वसूरीमाला क॑ उपदेवता के रूप म॑ पूजलऽ जाय छै जेकरा म॑ कोडुंगल्लूर भगवती मंदिर, वलियाकुलंगारा देवी मंदिर, महादेविकाड, श्री पोरकिली कवू, आरू वसूरीमाला देवी मंदिर, मावेलिकरा शामिल छै।[]

कल्पित कथा

[सम्पादन करी]

दरिकन के पत्नी

[सम्पादन करी]

भारतीय पौराणिक कथा मे भद्रकाली के कथा बहुत प्रमुख अछि, आ देवी भद्रकाली के पूरा भारत में पूजल जाइत अछि । मार्कण्डेय पुराण के अनुसार डारिकन (दारुकन के वर्तनी सेहो) नामक एकटा असुर छल आ भगवान शिव के तेसर आँखि सँ देवी भद्रकाली प्रकट भेलीह जे हुनका युद्ध मे मारि देलनि। केरल लोककथा सँ वसूरीमालाक कथाक उल्लेख कोट्टराथिल संकुन्नी द्वारा लिखल गेल ऐथिह्यामाला मे भेटैत अछि । भद्रकाली आरू दरिकन के बीच युद्ध के दौरान जबे भद्रकाली के साथ युद्ध में दरिकन के मृत्यु होय के लगभग निश्चित छेलै, तबे दरिकन के पत्नी मनोदरी कैलास के पास पहुँची क॑ भगवान शिव के प्रसन्न करै लेली तीव्र तपस्या शुरू करी देलकै । ओकर आराधना सँ संतुष्ट शिव अपन देह सँ पसीना पोछि ओकरा देलखिन आ आशीर्वाद देलखिन आ कहलखिन जे जँ लोकक शरीर पर छिड़काव करब त' ओकरा सब किछु द' देतैक। मनोदरी देखलक जे युद्ध जीतय वाली भद्रकाली पतिक माथ ल' क' आबि रहल छलीह. तामस पर ओ ओहि पसीना सँ तर-बतर पानि भद्रकालीक देह पर छिड़कि देलनि, आ परिणामस्वरूप भद्रकालीक देह पर चेचक आबि गेलनि। भद्रकाली मनोदारी के आँखि मे छेद क' हुनकर नाम वासूरीमाला रखलनि आ हुनका अपन संगी बना लेलनि।

आन लोक सभ

[सम्पादन करी]

एकटा आओर मिथक कहैत अछि जे वसूरीमाला शिव चेतना स उत्पन्न भेल छल जखन भगवान शिव कए चेचक भ गेल छल । वसूरीमाला क॑ दरिका केरऽ वध म॑ कुरुम्बा (भद्रकाली) केरऽ अनुयायी के रूप म॑ भी देखलऽ जाब॑ सकै छै ।[]

वसूरीमाला थेयम

[सम्पादन करी]

वसूरीमाला थेयम् वसूरीमाला थेयम उत्तर केरल केरऽ मंदिरऽ म॑ करलऽ जाय वाला एक थेयम छेकै । जखन चेचक केरऽ महामारी शुरू होय गेलै त॑ ई मानलऽ जाय छै कि लोगऽ न॑ ई बीमारी स॑ छुटकारा पाबै लेली चेचक केरऽ पूजा थेयम के रूप म॑ करना शुरू करी देलकै । आब ई थेयम रोगक इलाज लेल कयल जा रहल अछि ।[]

सन्दर्भ सामग्रीसभ

[सम्पादन करी]