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क्रोनिकल्स अफ अ कर्पस बियरर

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
क्रोनिकल्स अफ अ कर्पस बियरर  
फाइल:Chronicle of a Corpse Bearer.jpg
लेखक साइरस मिस्त्री
देश भारत
भाषा अङ्ग्रेजी
प्रकार काल्पनिक
नाटक
प्रकाशक आलेफ बुक कम्पणी
प्रकाशन तिथि २०१२
मीडियाक प्रकार प्रिन्ट (किताब, हार्डब्याक)
पृष्ठ २४८
आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ ९७८८१९२३२८०६८

क्रोनिकल्स अफ अ कर्प्स बियरर लेखक आ नाटककार साइरस मिस्त्रीद्वारा लिखित सन् २०१२ केरऽ उपन्यास छी। भारतक स्वतन्त्रता-पूर्वकें युग पर आधारित, ई पुस्तक लास ढोए बला पारसी समुदायकें बारेमे अछि जे एखनका मुम्बई आ तखनकें बम्बे मे शवसभकें गाडेबाक लेल ल जाईत अछि। उपन्यासक विचार मिस्त्रीकें सन् १९९१ मे आएल, जखन ओ एकटा फिल्म निर्माताक लेल एहि विषय पर शोध करि रहल छल, जे संयुक्त अधिराज्य केर टिभी च्यानल च्यानल ४ द्वारा एहि पर एकटा वृत्तचित्र बनाबक लेल चाहैत छल। फिल्म तँ नहि बनि सकल एहि लेल मिस्त्री एकरा एकटा उपन्यासक रूपमे लिखबाक निणर्य केलक।

क्रोनिकल्स अफ अ कर्प्स बियरर, सन् २०१४ मे दक्षिण एसियाली साहित्यक लेल डीएससी पुरस्कार आ सन् २०१५ मे अंग्रेजीक लेल साहित्य एकेडेमी पुरस्कार जीतने छल।[][]

फिरोज एल्चिदाना पारसी समुदाय केरऽ पारसी लाशवाहक उर्फ "खंडिया" छै जेकरऽ काम छै कि मृतकऽ के संग्रह करना, लाश क॑ सड़ै लेली छोड़ी देलऽ जाय या गिद्धऽ द्वारा भस्म होय जाय स॑ पहल॑ अंतिम संस्कार आरू संस्कार करलऽ जाय । पढ़ाई में अकुशल पुजारी के बेटा फिरोज एकटा खाँधिया के बेटी सेपिदेह स’ प्रेम क’ क’ अपन परिवार के निराशा के आओर बढ़ा दैत अछि. बाद मे ओकर विवाह क' स्वयं लाश वाहक बनि जाइत अछि । सेपिदेह मरि जाय छै, जेकरा चलतें फिरोज आरू ओकरऽ बेटी दुखी होय जाय छै ।


दैनिक समाचार आरू विश्लेषण लेली लिखतें हुअ॑ अदिति शेषादरी न॑ एकरा "सामाजिक भेदभाव केरऽ रोचक आरू असामान्य विवरण" बतैलकै लेकिन आगू कहलकै कि ई "प्रेम आरू हानि केरऽ हलचल पैदा करै वाला, नाटकीय, तीव्र व्यक्तिगत कहानी नै छै जे... ई भ' सकैत छल."[] भोर के महवेश मुराद लिखने छथि: "क्रॉनिकल ऑफ ए लाश वाहक कोनो सही पोथी नहि अछि, मुदा ई एकटा महत्वपूर्ण अछि।"[] जय अर्जुन सिंह न॑ अपनऽ समीक्षा म॑ कहलकै कि ई उपन्यास "एक अच्छा गति, आंतरिक रूप स॑ सुसंगत उपन्यास के तरह कम आरू खंडित उपन्यास के तरह बेसी पढ़ै छै।" सामाजिक-इतिहास, बहुत रास बात पर बेसी कहबाक प्रयास."[] आउटलुक के बख्तियार के हास्य, विडंबना आ त्रासदी, ई सुनिर्मित पोथी एकटा विजेता अछि।"[]

देखू सेहो

[सम्पादन करी]
  1. Seervai, Shanoor (२२ जनवरी २०१४), "पार्सी लाश वाहक पर साइरस मिस्त्री", द वाल स्ट्रीट जर्नल, २०१७-०४-११ कऽ मूल रूप सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच ३० मार्च २०१८ |dead-url= प्यारामिटर ग्रहण नहि कएल (सहायता)
  2. Mistry, Cyrus (१९ दिसम्बर २०१५), लेल-साहित्य-अकादेमी-पुरस्कार-जीत-जीत-जीत-बड़ि गेल अछि "पुनः पढ़ू: ओ उपन्यास जे एखनहि अंग्रेजीक लेल साहित्य अकादमी पुरस्कार जीतने छल", Scroll.in, अन्तिम पहुँच १८ दिसम्बर २०१८
  3. सेशाद्री, अदिति (२ सितम्बर २०१२), "पुस्तक समीक्षा: 'एक लाश वाहक का इतिहास'", दैनिक समाचार एवं विश्लेषण, २०२३-११-०७ कऽ मूल रूप सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच ३० मार्च २०१८ |dead-url= प्यारामिटर ग्रहण नहि कएल (सहायता)
  4. "REVIEW: एकटा लाश वाहक के इतिहास", ३० मार्च २०१८ कऽ मूल रूप सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच ७ नवम्बर २०२३ |dead-url= प्यारामिटर ग्रहण नहि कएल (सहायता); |पहुंच तिथि= प्यारामिटर ग्रहण नहि कएल (सहायता); |काज= प्यारामिटर ग्रहण नहि कएल (सहायता); |पहिल= प्यारामिटर ग्रहण नहि कएल (सहायता); |तिथि= प्यारामिटर ग्रहण नहि कएल (सहायता); |अंतिम= प्यारामिटर ग्रहण नहि कएल (सहायता)
  5. सिंह, जय अर्जुन (४ अगस्त २०१२), "क बोझ death", तेहेलका, मूलसँ २०१८-०३-३१ मे सङ्ग्रहित, अन्तिम पहुँच ३० मार्च २०१८
  6. दादाभोय, बख्तियार के. (१३ अगस्त २०१२), dakhma/281821 "दखमा के छाया में", दृष्टिकोण, अन्तिम पहुँच १ अप्रैल २०१८

के बारे में।

आकृति:अंग्रेजी के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार

बाहरी लिंक

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