टाट

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
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टाट

कुनु प्राङ्गण घेर्वाक लेल पारम्परिक पद्धतिद्वारा बनाओल गेल बाँसक एकटा बस्तु |

निर्माण[सम्पादन करी]

बाँसक चिर क बत्ति बनौल जाइत अछि | तेकरा बाद समानान्तर रुपमे बत्ति सबके बिछाओल जाएत अछि | इच्छानुसार ओए सब मे कर्चि वा नार/पुवार वा औरो बत्तिए दक बनहन देल जाइत अछि |