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फणीश्वर नाथ 'रेणु'

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
फणीश्वरनाथ रेणु
जन्म4 मार्च 1921
औराही हिंगना, अररिया जिला, बिहार
मृत्यु11 अप्रैल 1977
पटना, बिहार
पेशालेखक, कथाकार, पत्रकार
भाषाहिंदी, मैथिली
शैलीआंचलिक उपन्यास, कहानी

फणीश्वरनाथ रेणु (4 मार्च 1921 – 11 अप्रैल 1977) भारतीय साहित्यक प्रमुख आंचलिक लेखक छलाह। हुनकर रचनाक केंद्र ग्रामीण जीवन, समाजिक यथार्थ, भाषा-संस्कृति आ आम जनक पीड़ा रहल अछि। हुनका विशेष रूप सँ “आंचलिक उपन्यास” परंपराक प्रवर्तक मानल जाइत अछि। हुनकर प्रसिद्ध उपन्यास मैला आँचल भारतीय साहित्यक एक महत्वपूर्ण कृति मानल जाइत अछि।[]

प्रारंभिक जीवन

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रेणुजीक जन्म बिहारक अररिया जिलाक औराही हिंगना गाम में भेल छल। प्रारंभिक शिक्षा बिहार आ नेपाल में भेल। हुनका पर स्वतंत्रता आंदोलन आ समाजिक चेतनाक गहिर प्रभाव रहल। हुनका जीवन अनुभव हुनकर साहित्य में स्पष्ट रूप सँ देखल जाइत अछि।[]

साहित्यिक योगदान

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रेणुजी अपन लेखन द्वारा हिंदी साहित्य में ग्रामीण आंचलिक जीवन केँ केंद्र में आनलन्हि। हुनकर भाषा सहज, जीवंत आ लोकजीवन सँ जुड़ल अछि। हुनकर रचनामे किसान, मजदूर, स्त्री आ समाजक हाशिये पर रहल वर्गक पीड़ा प्रमुख रूप सँ उभरैत अछि।

प्रमुख कृतियाँ

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  • मैला आँचल
  • परती परिकथा
  • तीसरी कसम
  • जुलूस
  • संवदिया

सम्मान आ प्रभाव

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रेणुजी केँ मरणोपरांत पद्मश्री देल गेल। हुनकर साहित्य भारतीय समाजिक यथार्थक दस्तावेज मानल जाइत अछि। हुनकर कृतियाँ पर आधारित फिल्म तीसरी कसम सेहो अत्यंत प्रसिद्ध भेल।[]

फणीश्वरनाथ रेणु आजो भारतीय ग्रामीण समाजक सबसे सशक्त साहित्यिक आवाज मानल जाइत छथि। हुनकर लेखन भावी पीढ़ी लेल समाज, संस्कृति आ भाषा बुझबाक महत्वपूर्ण साधन अछि।

  1. "Phanishwar Nath Renu Profile", Britannica
  2. "फणीश्वरनाथ रेणु का जीवन परिचय", Rajkamal Prakashan[permanent dead link]
  3. "Padma Awards – Phanishwar Nath Renu", Government of India