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योनि

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
योनि
महिला मानव प्रजनन पथ आ अण्डाशयक आरेख
योनिक उद्घाटनकेँ देखयबाक हेतु प्यूबिक हेयरक संगे वल्वाकेँ हटा देल गेल आ लेबियाकेँ अलग कऽ देल गेल:
लैटिनयोनि
पूर्वगामीमूत्रजननांगी साइनस आ पैरामेसोनफ्रिक डक्ट
धमनीगर्भाशय धमनी सँ बेहतर भाग, मध्य आ निचला हिस्सा सँ योनि धमनी
शिरागर्भाशय योनि शिरापरक जाल, योनि शिरा
तन्त्रिका
  • सहानुभूति: लम्बर स्प्लानचनिक प्लेक्सस
  • पैरासिम्पेथेटिक: पेल्विक स्प्लानचनिक प्लेक्सस
लिम्फआन्तरिक इलियाक लिम्फ नोड्स क ऊपरी हिस्सा, सतही वंक्षण लिम्फ नोड्स क निचला हिस्सा
महिलाक योनि

महिलासभक जननाङ्गकेँ योनि कहल जाइत अछि (अङ्ग्रेजीमे Vagina, वैजाइना; लैटिनक शब्द Vāgīna, वागीना सँ)। आम तौर पर "योनि" शब्दक प्रयोग प्रायः भग क हेतु कएल जाइत अछि, मुदा जतय भग बाहर सँ दृष्टिगोचर होमय वला संरचना अछि, ओतहि योनि एक विशिष्ट आन्तरिक संरचना अछि। योनि अत्यन्त संवेदनशील होइत अछि।

स्थान आ संरचना

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[[चित्र:External female genitalia.jpg|thumb|योनिक भाग
- क्लिटोरिस हुड, - भगशेफ (क्लिटोरिस),
- मूत्रमार्गक छिद्र, - योनिद्वार,
- वृहत भगोष्ठ, - लघु भगोष्ठ, - गुदा ]] योनिक बाहरी देखाए देबय वला हिस्सा भग कहल जाइत अछि। ई दुनू जाँघसभक मध्य योनिक प्रवेश-द्वार अछि। वयस्क स्त्रीसभमे ई चारू दिस सँ केश (बाल) सँ घेरल रहैत अछि। ई त्वचाक कतेको परतसभ सँ बनल होइत अछि, जे भीतरी अङ्गसभकेँ सुरक्षा प्रदान करैत अछि। ई कतेको उपाङ्गसभकेँ समाविष्ट कएने अछि जेना भगशिशिनका, मूत्रमार्गक छिद्र, योनिक झिल्ली (हाइमेन), लघु ग्रन्थिसभ, वृहत भगोष्ठ, लघु भगोष्ठ इत्यादि। ई गर्भाशय सँ योनि प्रघाण धरि फैलल लगभग ८ सँ १० सेमीमीटर लम्बी नली होइत अछि जे मूत्राशय आ मूत्रमार्गक पाछाँ तथा मलाशय आ गुदामार्गक सम्मुख स्थित होइत अछि। एक वयस्क स्त्रीमे योनिक पाछुक भित्ति ओकर सम्मुख भित्ति सँ बेसी लम्बी होइत अछि आ योनि गर्भाशयक संगे समकोण बनबैत अछि।

योनिक भित्तिसभ मुख्यतः चिकनी पेशी आ फाइब्रोइलास्टिक संयोजी ऊतक क बनल होइत अछि जाहि सँ एहिमे फैलबाक गुण बहुत अधिक होइत अछि आ एहिमे रक्त वाहिनीसभ आ तन्त्रिकासभक आपूर्ति होइत अछि। सामान्य अवस्थामे योनिक भित्तिसभ आपसमे सटल रहैत अछि, मुदा सम्भोग क्रियाक अवधिमे लिङ्गक योनिमे प्रविष्ट हेबा पर ओ अलग-अलग भऽ जाइत अछि। गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) क योनिमे उभरि अएबा सँ एकर सम्मुख, पाछाँ आ पार्श्वसभमे चारि खाली स्थान बनैत अछि जकरा फॉर्निसेस (Fornices) कहल जाइत अछि।

योनिक भित्ति दू परतसभ सँ मिलि कऽ बनल होइत अछि-

  • (१) पेशीय परत (Muscular layer)- एहि परतमे चिकनी पेशीक लम्बवत् आ गोलाकार तन्तु तथा तन्तुमय लचीला संयोजी ऊतक रहैत अछि। एही कारणेँ योनिमे बहुत बेसी फैलबाक आ सिकुड़बाक गुण उत्पन्न होइत अछि।
  • (२) श्लेष्मिक परत (Mucous layer)- ई श्लेष्मिक कलाक आतंरिक परत होइत अछि जे पेशीय परतकेँ आस्तरित करैत अछि। एहि परतमे बहुत रास झुर्रीसभ (Rugae) रहैत अछि। ई परत स्तरित शल्की उपकला (Stratified squamous epithelium) अर्थात् परिवर्तित त्वचा (एहिमे केश नहि होइत अछि, Nonkeratinizing) सँ आच्छादित (ढँकल) रहैत अछि। यौवनारम्भक पश्चात ई परत मोट भऽ जाइत अछि आ ग्लाइकोजन सँ परिपूरित रहैत अछि। एहिमे ग्रन्थिसभ नहि होइत अछि।

योनिकेँ चिकना बनौने रखबाक हेतु श्लेष्मा स्राव गर्भाशय ग्रीवामे मौजूद ग्रन्थिसभ सँ ही अबैत अछि। ई स्राव क्षारीय होइत अछि मुदा योनिमे प्राकृतिक रूप सँ पाबल जाय वला बैक्टीरिया (डोडर्लिन बेसिलाइ) श्लेष्मिक परतमे मौजूद ग्लाइकोजनकेँ लैक्टिक एसिड मे बदलि दैत अछि, जाहि सँ योनिक स्रावक प्रतिक्रिया अम्लीय भऽ जाइत अछि। एहि सँ योनिमे कोनो प्रकारक सङ्क्रमण हेबाक सम्भावना समाप्त भऽ जाइत अछि।

योनिक अम्लीय वातावरण शुक्राणुसभक प्रतिकूल होइत अछि मुदा पुरुषक अनुषङ्गी लिङ्ग ग्रन्थिसभ सँ स्रावित होमय वला द्रव क्षारीय होइत अछि, जे योनिक अम्लताकेँ निष्क्रिय करबामे सहायता करैत अछि। डिम्बोत्सर्जन समयक आस-पास गर्भाशय ग्रीवाक ग्रन्थिसभ सेहो अधिक मात्रामे क्षारीय श्लेष्माक स्राव करैत अछि, जाहि सँ गर्भधारण करबामे सहायता भेटैत अछि।

एकरो देखू

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बाहरी कड़ीसभ

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