इरोम चानू शर्मिला

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इरोम चानू शर्मिला(जन्म:१४ मार्च १९७२) मणिपुर'क मानवाधिकार कार्यकर्ता छथि, जे पूर्वोत्तर राज्य सबमे लागू सशस्त्र बल विशेष शक्ति अधिनियम, १९५८ के हटेवाक लेल एक दशकसँ सेहो बेसी समयसँ(४ नवम्बर २०००[१] ) सँ भूख हड़ताल पर छथि। पूर्वोत्तर राज्य सबहक विभिन्न हिस्सा सबमे लागू अहि कानूनक तहत सुरक्षा बल सबके किन्को देखते गोली मारि' अथवा बिना वारन्टके गिरफ्तार करऽके अधिकार भेटल  अछि। शर्मिला कऽ खिलाफ इम्फालके जस्ट पीस फाउन्डेशन नामक गैर सरकारी सङ्गठनसँ जुड़ि कऽ भूख हड़ताल रहलथि। सरकार शर्मिलाके आत्महत्याक प्रयासमे गिरफ्तार कररि लेने छल। कियकी इ गिरफ्तारी एक सालसँ बेसी नै भऽ सकैत अछि ताए सब साल हुनका रिहा करैत दुबारा गिरफ्तार कएल जाइत छल।[२] नाक सँ लागल एकटा नलीक माध्यमसँ हुनका खाना देल जाइत छल तथा अहिके लेल पोरोपटके सरकारी अस्पतालक एगो रूमक अस्थायी जेल बना देल गेल छल। १४ वर्षक गिरफ्तारीके बाद २० अगस्त २०१४क सेशन कोर्टक आदेशसँ हुनका रिहा कएल गेल।[३]

पृष्ठभूमि[सम्पादन करी]

इरोम अपन भूख हड़ताल तखन कएने छलीह जखन २ नवम्बरके दिन मणिपुरक राजधानी इम्फालके मालोममे असम राइफल्सक जवानक हाथे १०टा बेगुनाह लोक मारल गेल छल। ओ ४ नवम्बर २००० के अपन अनशन शुरू कऽ देने छलीह, अहि उम्मीदक संग कि १९५८सँ अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, असम, नागाल्यान्ड, मिजोरम आओर त्रिपुरामे आर १९९०सँ जम्मू-कश्मीरमे लागू आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (एएफएसपीए)क हटेवामे ओ महात्मा गान्धीके नक्शाकदम पर चलिके कामयाब हेतीह।[१]

आत्महत्याक कोशिश करके मुकद्दमा[सम्पादन करी]

२०१३ मे हुनका उपर आत्महत्याक कोशिश करके मुकद्दमा चलेवाक लेल अदालतमे आरोप तय कएल गेल।[१] २० अगस्त २०१४ के सेशन कोर्टके आदेशसँ हुनका रिहा कऽ देल गेल।[३]

आम आदमी पार्टी द्वारा राजनीतिमे आबऽके निमन्त्रण[सम्पादन करी]

जस्ट पीस फाउन्डेशन ट्रस्ट (जेपीएफ)के द्वारा शर्मिलाके आम आदमी पार्टीके नेता प्रशान्त भूषण  मणिपुरक लोकसभा सीटसँ आम आदमी पार्टी (आप)के टिकट पर २०१४ के लोकसभा चुनाव लड़िके प्रस्ताव देलथि मुदा ओ एकरा अस्वीकार काए देलथिन्ह।[४]

सन्दर्भ[सम्पादन करी]