चित्रकूट

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—  शहर  —
चित्रकूट मे रामघाट का दृश्य
चित्रकूट मे रामघाट का दृश्य
जिला चित्रकूट
सांसद

निर्देशाङ्क: २४°३५′उत्तर ८०°५०′पूर्व / २४.५८° उत्तर ८०.८३° पूर्व / 24.58; 80.83 चित्रकूट धाम मन्दाकिनी नदीक किनारामे बसल भारतक सबसँ प्राचीन तीर्थस्थलमे एक छी। उत्तरप्रदेश मे ३८.२ वर्ग किलोमीटरक क्षेत्रमे फैलल शान्त आ सुन्दर चित्रकूट प्रकृति आ ईश्वरक अनुपमदेन छी। चारो दिशसँ विन्ध्य पर्वत श्रृंखला आ वनसँ घिरल चित्रकूटक अनेक आश्चर्योक पहाड कहल जाएत अछि । मन्दाकिनी नदीक किनार बनल अनेक घाटमन्दिर मे पूरे साल श्रद्धालुक आवत-जावत लगल रहैत अछि।

मानल जाएत अछि कि भगवान राम, सीतालक्ष्मण के साथ अपन वनवास के चौदह वर्षो मे ग्यारह वर्ष चित्रकूट मेही बिताने छल । ई स्थान पर ऋषि अत्रि आ सती अनसुइया ने ध्यान लगाने छल । ब्रह्मा, विष्णुमहेश ने चित्रकूट मे ही सती अनसुइया के घर जन्म लिने छल ।

प्रमुख आकर्षण[सम्पादन करी]

कामदगिरि[सम्पादन करी]

चित्रकूट मे रामघाट

रामघाट[सम्पादन करी]

राम घाट ओ घाट छी जत् प्रभु राम नित्य स्नान किया करैत छल १ एहि घाट पर राम भारत मिलाप मन्दिर छी आ एहि घाटमे गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा सेहो अछि । मन्दाकिनी नदीक तट पर बनल रामघाटमे अनेक धार्मिक क्रियाकलाप चलैत रहैत अछि। घाटमे गेरू आ वस्त्र धारण कएल साधु-सन्तक भजन आ कीर्तन करैत देख बहुत अच्छा महसूस होएत अछि। शामक होएवाला अत् के आरती मनक बहुत सुकून पहुचैत अछि ।

हनुमान धारा[सम्पादन करी]

हनुमान धारा मे स्थित मन्दिर

पहाड़ी के शिखर मे स्थित हनुमान धारा मे हनुमान की एक विशाल मूर्ति अछि। मूर्तिके सामने तालाब मे झरनासँ पानी गिरैत अछि। कहल जाएत अछि कि यह धारा श्रीराम ने लन्का दहनसे आए हनुमान के आराम के लेल बनाने छल । पहाड़ीके शिखरमे ही 'सीता रसोई' अछि। हिमरसँ चित्रकूटक सुन्दर दृष्य देखल जा सकैत अछि।

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]

एहो सभ देखी[सम्पादन करी]