देवप्रयाग

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देवप्रयाग
Devprayag
रगुनाथ मन्दिर
रगुनाथ मन्दिर
देवप्रयाग Devprayag is located in उत्तराखण्ड
देवप्रयाग Devprayag
देवप्रयाग
Devprayag
उत्तराखण्डमे स्थान
भूगोल
निर्देशाङ्क ३०°०८′४७″उत्तर ७८°३५′५४″पूर्व / ३०.१४६३१५° उत्तर ७८.५९८२५१° पूर्व / 30.146315; 78.598251निर्देशाङ्क: ३०°०८′४७″उत्तर ७८°३५′५४″पूर्व / ३०.१४६३१५° उत्तर ७८.५९८२५१° पूर्व / 30.146315; 78.598251
देश भारत
राज्य उत्तराखण्ड
जिला टिहरी गढ़वाल
स्थानीय उत्तराखण्ड, भारत

देवप्रयाग भारतक उत्तराखण्ड राज्यमे अवस्थित एक नगर आ प्रसिद्ध तीर्थस्थान छी ।[१][२]अलकनन्दा नदी तथा भागीरथी नदीक सङ्गम पर स्थित अछि । याह सङ्गम स्थलक बाद ई नदीके पहिल बेर गङ्गा नदीक नाम सँ जानल जाइत अछि । एतय श्री रघुनाथ जी के मन्दिर अछि, जतय हिन्दू तीर्थयात्री भारतक कोना कोना सँ दर्शन करै लेल आबैत अछि । देवप्रयाग अलकनन्दा आ भागीरथी नदिसभकके सङ्गम पर बैसल अछि । एतय सँ दुनू नदिसभके सम्मिलित धारा गङ्गा कहलाबैत अछि । ई टेहरीसँ १८ माइल दक्षिण-दक्षिण-पूर्व दिशामे स्थित अछि । प्राचीन हिन्दू मन्दिरक कारण ई तीर्थस्थानक विशेष महत्व अछि । सङ्गम पर होमएक कारण तीर्थराज प्रयागक स्वरूप एकर नामकरण भेल अछि ।

देवप्रयाग समुद्र सतहसँ १५०० फिटक उचाई पर अवस्थित अछि आ निकटवर्ती शहर ऋषिकेशसँ सड़क मार्गद्वारा ७० किमीक दूरी पर अछि । ई स्थान उत्तराखण्ड राज्यक पञ्च प्रयागमे सँ एक मानल जाइत अछि ।[३] एकर अलावा एकर बारेमे कहल जाइत अछि कि जब राजा भागीरथ गङ्गाक पृथ्वी पर आनैक लेल समर्थन बनौलक तहन ३३ करोड़ देवी-देवता सेहो गङ्गाक साथ स्वर्गसँ पृथ्वीलोक आएल छल । तब ओसभ अपन आवास देवप्रयागमे बनेनाए छल जे गङ्गाक जन्म भूमि छी । भागीरथी आ अलकनन्दाक सङ्गमक बाद याह ठामसँ पवित्र नदी गङ्गाक उद्भव होइत अछि । याह ठाम पहिल बेर ई नदी गङ्गाक नामसँ जानल जाइत अछि ।[४]

गढ़वाल क्षेत्रमे मान्यतानुसार भागिरथी नदीक सौस तथा अलकनन्दा नदी को बौह कहल जाइत अछि । ई स्थानक मुख्य आकर्षणमे सङ्गमक अलावा एक शिव मन्दिर तथा रघुनाथ मन्दिर छी जाहिमे रघुनाथ मन्दिर द्रविड शैलीमे निर्मित अछि । देवप्रयाग प्राकृतिक सम्पदासँ परिपूर्ण अछि । ई ठामक सौन्दर्य अद्वितीय अछि । निकटवर्ती डण्डा नागराज मन्दिर आ चन्द्रवदनी मन्दिर सेहो दर्शनीय अछि । देवप्रयागक सुदर्शन क्षेत्र सेहो कहल जाइत अछि । ई ठाम पर कव्वा नै देखल गेल अछि, जे की एक आश्चर्यक बात छी ।[४]

प्रसिद्धि[सम्पादन करी]

मान्यतानुसार एतय देवशर्मा नामक एक तपस्वी कठोर तपस्या केनए छल, जकार नाम पर ई स्थानक नाम देवप्रयाग पड़ल । प्रयाग कोनो भी सङ्गमक कहल जाइत अछि ।[५] ई स्व.आचार्य श्री पं.चक्रधर जोशी नामक ज्योतिष्विद आ खगोलशास्त्रीक गृहस्थान छल, जे सन् १९४६ मे नक्षत्र प्रयोगशालाक स्थापना केनए छल ।

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

  1. Fast facts Devprayag Official website.
  2. Map of Pauri Garhwal district Pauri Garhwal District Official website.
  3. Devprayag Tehri Garhwal district, Official website.
  4. ४.० ४.१ देवप्रयाग: ३३ कोटि देवताओं का आवास
  5. देवप्रयाग टिहरी गढ़वाल जिला, आधिकारिक जालस्थल

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]


एहो सभ देखी[सम्पादन करी]