सामग्री पर जाएँ

मधुबनी चित्रकला

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
मधुबनी चित्रकला
चित्र बनबैत महिला कलाकार

मधुबनी चित्रकला या मिथिला पेंटिंग मिथिलाञ्चल क्षेत्र जेना बिहारक दरभंगा, मधुबनी एवम नेपालक कुछ क्षेत्रक प्रमुख चित्रकलाछी । प्रारम्भमे रङ्गोलीक रुपमे रहैक बाद ई कला धिरे-धिरे आधुनिक रूपमे कपडा, दिवार एवम कागज पर उतैर गेल । मिथिला महिलासभद्वारा शुरू कएल गेल घरेलु चित्रकलाक पुरुषसभ सेहो अपना लेने अछि ।

मानल जाइत अछि ई चित्र राजा जनक राम-सीताक विवाहक दौरान महिला कलाकारसभसँ बनबेने छल । आई मिथिलाञ्चलक बहुत गामसभक महिलासभ इ कलामे दक्ष अछि । अपन असलि रूपमे त ई पेन्टिङ गामसभक माइटसँ लेपल गेल बस्तीसभमे देख भेटैत छल , लेकिन एहिकइ आब कपडा आ पेपर पर खुब बनाएल जाइत अछि । समयक साथ साथ चित्रकारक एहि विधामे पासवान जातिक समुदायक लोगसभद्वारा राजा शैलेशक जिवन वृतान्तक चित्रण सेहो कर जाए लागल । एहि समुदायक लोग राजा सैलेशक अपन देवताक रूपमे पुजा सेहो कर लागल ।

विशेषता

[सम्पादन करी]

एहि चित्रमे खासकक कुल देवताक सेहो चित्रण होएत अछि । हिन्दु देव-देवताक तस्विर, प्राकृतिक नजारा जेना-सूर्य आ चन्द्रमा, धार्मिक गाछ-वृक्ष जेना-तुलसी आर विवाहक दृश्य देखला भेटत । मधुबनी पेन्टिङ दुई किसिमक होएत- भितर चित्र आर अरिपन या अल्पना ।

चटख रङ्गक इस्तमाल खुब कएल जाइत अछि । जेना गाढा लाल रङ्ग, हरियर,बुल्लु आर करिया । कुछ हल्का रङ्गसँ सेहो चित्रमे निखार आनल जाइत अछि, जेना-पियर, गुलाबि आ नेबो रङ्ग । ई जाएनक परेशान हेबै कि ई रङ्गक घरेलु समानसँ बनाएल जाइत अछि, जेना-हरदि, केलाक पता, लाल रङ्गक लेल पिपलक छाल प्रयोग कएल जाइत अछि । आर दुध। भितरक चित्रक अलावा अल्पनाक सेहो बिहारमे बहुत चलन अछि । एहिक बैठक या दरबाजावक बाहर बनाएल जाइत अछि । पहिले एकरा एहिद्वारे बनाएल जाइत छल ताकि खेतमे बालीक उब्जाउ बढियासँ होए मुदा आइकाइल एकरा घरक शुभ काममे बनाएल जाइत अछि । चित्र बनाबक लेल सलाईक काठी आ बासक कलमक प्रयोगमे आनल जाइत अछि । रङ्गक पकर बनाबक लेल बबुलक वृक्षक लस्साक मिलाएल जाइत अछि ।

समयक साथ मधुबनी चित्रक बनाबक पाछुक मतलब सेहो बदल गेल अछि, मुदा ई कला अपनामे एते चिज समटने अछि कि ई आइयो कलाक कद्रदानक पहिल पसन्दमेसँ अछि ।

हातसँ निर्माण पेपर

[सम्पादन करी]

चित्रणसँ पूर्व हातसँ निर्माण कागजक तैयार करक लेल कागज पर गाईक गोबरक झोर बनाक तथा एहिमे बबुलक लस्सा देल जाइत अछि । सुती कपडासँ गोबरक झोरक कागज पर लगाएल जाइत अछि आ रौदमे सुखाबक लेल राएख देल जाइत अछि ।

मधुबनी चित्रकला

मधुबनी चित्रकला देवाल, केन्वास एवम हातसँ निर्माण कागज पर वर्तमान समयमे चित्रकारसभद्वारा बनाएल जाइत अछि ।

भितर चित्र

[सम्पादन करी]

मधुबनी भितर चित्र मे माइट (चिकनी) आ गाईक गोबरक मिश्रणमे बबुलक लस्सा मिलाक देवाल पर निपल जाइत अछि । गाईक गोबरमे एक खास तरहक रसायन पदार्थ होएक कारण देवाल पर विशेष चमक आइब जाइत अछि । एकरा घरक तिन खास जगह पर बनाबक परम्परा अछि, जेना- पुजास्थान, कोहबर कक्ष (विवाहितक कक्षमे) आर विवाह या कोनो खास उत्सव पर घरक बाहरि देवाल पर। मधुबनी पेन्टिङमे जेहि देवी-देवताक चित्रण कएल जाइत अछि, उ अछि- मा दुर्गा, काली, सीता-राम, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, गौरी-गणेश आर विष्णुक दस अवतार इत्यादि। इ तस्विरक अलावा बहुत प्राकृतिक आर रम्य नजाराक सेहो पेन्टिङ बनाएल जाइत अछि। पशु-पक्षी, वृक्ष, फुल-पात आदिक स्वस्तिकक निशानिक साथ सजाएल-सवारल जाइत अछि ।

एहो सभ देखी

[सम्पादन करी]