सिञ्जा उपत्यका

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सिञ्जा
Sinja

सिञ्जा उपत्यका
Valley
नरकोट सिञ्जा उपत्यका
नरकोट सिञ्जा उपत्यका
सिञ्जा Sinja नेपालपर अवस्थित
सिञ्जा Sinja
सिञ्जा
Sinja
Location in Nepal
निर्देशाङ्क: २९°१९′२८″उ॰ ८१°५८′५७″पू॰ / २९.३२४४४°N ८१.९८२५०°E / 29.32444; 81.98250निर्देशाङ्क: २९°१९′२८″उ॰ ८१°५८′५७″पू॰ / २९.३२४४४°N ८१.९८२५०°E / 29.32444; 81.98250
Country नेपाल
Provinceकर्णाली प्रदेश
Districtजुम्ला जिल्ला
समय क्षेत्रनेपाल कऽ प्रामाणिक समय (युटिसी+5:45)


सिञ्जा उपत्यकाक एक दृश्य

सिञ्जा उपत्यका ऐतिहासिक जुम्ला राज्यके राजधानी तथा वर्तमान नेपालक प्रशासनिक संरचनामे कर्णाली प्रदेश तथा जुम्ला जिल्लामे अवस्थित रहल अछि । अत्यन्त विकट पहाडी तथा हिमाली क्षेत्र बीच रहल ई उपत्यकाक भुगोल अनुपम छैक । तिला नदी ई उपत्यका के चिरैत बाहर निकलैत अछि । ऐतिहासिक बजार रहि के भी हवाइ सम्पर्क मात्र भेल सिञ्जा उपत्यकामे हाल ही मे सुर्खेत उपत्यका सँग कर्णाली राजमार्ग मार्फत जोडल गेल अछि । स्याउ लगायतक फलफुलक उत्पादनमे ई उपत्यका अग्रणी मानल जाइत अछि।

कर्णाली प्रदेशक केन्द्र सिञ्जा के नेपाली भाषाक उद्गमस्थल मानल जाइत अछि । सिञ्जासँ जारी भेल ताम्रपत्र, स्वर्णपत्र, शिलालेखमे ओ समयके पहिल नेपाली भाषाक विकसित रुप फेला पडल से बात सिञ्जा नराकोटक प्रमुख मधुशंकर उपाध्याय बतावैत अछि ।

कर्णालीक राजासभक मुख्य योगदान अखन बोलीचालीमे रहल खस भाषाक उद्गमस्थल छी। सिञ्जा उपत्यकामे ईसा के१३हम शताब्दीक पुरातन देवनागरी लिपि फेला पडल छल। सिञ्जा उपत्यका खस मल्लसभक राजधानी छल। १२हम शताब्दीसँ ईसा के १४हम शताब्दीधरिमे नेपाली भाषाक उत्पत्ति सिञ्जामे भेल विभिन्न इतिहासमे लिखल प्रमाणसभ मिलल अछि।

सिञ्जा उपत्यकामे रहल सिञ्जा कनकासुन्दरी मन्दिर, पान्डव गुफा, बुढु मष्टा, कनकासुन्दरी नैधारा मन्दिर, विराट दरबार, नाख्या दुला, ह्याङ्ग्रा देवता मन्दिर, लेकपर लामा मन्दिर, बातामाली के महादेव मन्दिरलगायत सिञ्जा भेगमे रहल तीन दर्जन सँ बेसी छोट-बड देवी देउताक मन्दिरसभ वर्तमान अवस्थामे जीर्ण भऽ गेल अछि ।

ताहिना पाँच भाई पाण्डव बसोबास करैऽ वाला पाण्डव गुफा आ विराट दरबारक अवशेषसमेत भेटनाए मुस्किल भऽ गेल अछि। खस राज्य संचालनक समयमे बनाओल गेल ई मठ मन्दिर, सिञ्जा, सिहु बाघ, बडका-बडका पत्थर पर बनाओल गेल चित्रकला, संकेत अक्षर आ अंकसभ लिखल शिलालेखसभ समेत अखन खेतबारी आ पाखासभमे बेवारिसे अवस्थामे रहल जुम्लाक इन्जिनियर नरेशदत्त रावल बतौने अछि।

भूगोल[सम्पादन करी]

इतिहास[सम्पादन करी]

आईसँ ३४६१ वर्ष पहिने अर्थात् इशापूर्व १४४४ मे राजा जालन्धर सिञ्जा राज्य स्थापना केने छल । राजा जालन्धर शिवके भक्त होबाक कारणसँ भगवान शिवके पहिल अक्षर ‘शि’ आ नाम के आओर एकटा दोसर अक्षर ‘जा’ जोडि सिञ्जा नाम रहल गेल जनश्रुति भेटैत अछि ।


सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]


बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]

एहो सभ देखी[सम्पादन करी]