अनेक मानुह अनेक ठाई आरु निर्जनता
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| अनेक मानुह अनेक ठाई आरु निर्जनता | |
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| [[File:|]] अनेक मानुह अनेक ठाई आरु निर्जनता | |
| लेखक | बीरेश्वर बरुआ |
| देश | भारत |
| भाषा | असमिया भाषा |
अनेक मानुह अनेक ठाई आरु निर्जनता विख्यात असमिया भाषा साहित्यकार बीरेश्वर बरुआ द्वारा रचित एक कविता–संग्रह छी जेकर लेल हुनका सन् 2003 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित कएल गेल।[१]
सन्दर्भ सामग्रीसभ
[सम्पादन करी]- ↑ "अकादेमी पुरस्कार", साहित्य अकादमी, अन्तिम पहुँच ४ सितम्बर २०१६।