तरूआ
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| तरूआ Tarua | |
|---|---|
| उत्पत्ति स्थान | भारत आ नेपाल |
| क्षेत्र वा राज्य | मिथिला |
| मुख्य सामग्रीसभ | तरकारीसभ, चना के आँटा, चौर के आँटा |
तरुआ [१]तरकारीसभ केर मिहिन काटि के पकाओल जाएबला एकटा व्यञ्जन छी जेकरा चौर के आओर बेसन के घोलमे लपेट करि के डीप फ्राई कएल जाइत अछि। एकर उत्पत्ति दक्षिण एसियासँ भेल अछि आ ई भारत आ नेपालक मैथिलसभक बीच लोकप्रिय अछि।[२] ई मिथिला क्षेत्र केर एकटा लोकप्रिय आ खास व्यञ्जन छी, जतय मानल जाइत अछि जे कि तरुआ बिना कुनु मेहमान केर स्वागत केनाए असम्भव अछि।[३][४]
पका जाए बला विधि
[सम्पादन करी]विविधतासभ
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सन्दर्भ सामग्रीसभ
[सम्पादन करी]- ↑ Vidyarthi, Lalita Prasad; Prasad, Ramakant; Upadhyay, Vijay S. (1979) (enमे). Changing Dietary Patterns and Habits: A Socio-cultural Study of Bihar. Concept Publishing Company. https://books.google.com/books?id=1FuzAAAAIAAJ.
- ↑ (Maithiliमे) Maithlik Bhojan Sambandhi Shabdawali (1ST संस्करण). Mithila Research Society. 2011.
- ↑ "मिथिला का तरूआ तो तरूआ है, पकौड़ा नहीं है", aajtak.intoday.in (हिन्दीमे), १९ फरबरी २०१८, अन्तिम पहुँच २०२०-०५-२१।
- ↑ "मिथिलांचल में वैदिक रीति से होता अतिथि सत्कार" [Hospitality in Mithila], Dainik Jagran (हिन्दीमे), अन्तिम पहुँच २०२०-०५-२१।
बाह्य जडीसभ
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