पराशर ऋषि

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
Jump to navigation Jump to search
पराशर
Rig veda.jpg
जानकारी
परिवारशक्तिमुनि (पिता), अद्यश्यन्ती (माता), विशिष्ठ (पितामह)
पति या पत्नी(सभ)काली (मत्स्यगन्धा)
बच्चाव्यास
धर्मवैदिक
राष्ट्रीयताभारतीय

पराशर एक मन्त्रद्रष्टा ऋषि, शास्त्रवेत्ता, ब्रह्मज्ञानी एवं स्मृतिकार छी। ई महर्षि वसिष्ठ कऽ पौत्र, गोत्रप्रवर्तक, वैदिक सूक्तोक द्रष्टा आ ग्रंथकार सेहो छी। पराशर शर-शय्या पर पडल भीष्म सँ मिलैल गेल छल । परीक्षित् कऽ प्रायोपवेश समय उपस्थित कयो ऋषि-मुनियोसभमे एक छल । ओ छब्बीस अम द्वापर कऽ व्यास छल । जनमेजय कऽ सर्पयज्ञमे उपस्थित छल ।

'पराशर' शब्द कऽ अर्थ[सम्पादन करी]

'पराशर' शब्द कऽ अर्थ छी - 'पराशृणाति पापानीति पराशरः' अर्थात् जे दर्शन-स्मरण करैसँ ही समस्त पापो कऽ नाश करैत अछि , ओहि पराशर छी।

परासुः स यतस्तेन वशिष्ठः स्थापितो मुनिः ।
गर्भस्थेन ततो लोके पराशर इति स्मृतः ॥ महाभारतम् १। १७९। ३
परासोराशासनमवस्थानं येन स पराशरः । आङ्पूर्ब्बाच्छासतेर्डरन् । इति नीलकण्ठः ॥

बाल्य आ शिक्षा[सम्पादन करी]

पराशर कऽ पिताक नाम शक्तिमुनि छल आ उनकर माताक नाम अद्यश्यन्ती छल। शक्तिमुनि वसिष्ठऋषिक पुत्र आ वेदव्यास कऽ पितामह छल । ई आधार पर पराशर वसिष्ठ कऽ पौत्र छल ।

सुतं त्वजनयच्छक्त्रेरदृश्यन्ती पराशरम् ।
काली पराशरात् जज्ञे कृष्णद्वैपायनं मुनिम् ॥ इत्यग्निपुराणम् ॥

शक्तिमुनिक विवाह तपस्वी वैश्य चित्रमुख के कन्या अदृश्यन्तीसँ भेल छल । माताके गर्भ मे रहैत काल पराशर ने पिता कऽ मुँहसँ ब्रह्माण्ड पुराण सुनल छल , कालान्तरमे ओ प्रसिद्ध जितेन्द्रिय मुनि एवं युधिष्ठिर कऽ सभासद जातुकर्ण्य कऽ ओकर उपदेश केने छल । पराशर बाष्कल कऽ शिष्य छल । ऋषि बाष्कल ऋग्वेद के आचार्य थे। याज्ञवल्क्य, पराशर, बोध्यअग्निमाढक एकर शिष्य छल । बाष्कल ऋग्वेद कऽ एक शाखा के चार विभाग करके अपन ई शिष्यो कऽ पढाने छल । पराशर याज्ञवल्क्य कऽ सेहो शिष्य छल ।

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]

एहो सभ देखी[सम्पादन करी]