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मैसूर

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
मैसूर
Mysore
मैसुरू
मैसूर दरबार
मैसूर दरबार
उपनाम: 
चन्दन सिटी[]
मैसूरMysore कर्नाटकपर अवस्थित
मैसूरMysore
मैसूर
Mysore
मैसूरक स्थान
मैसूरMysore भारतपर अवस्थित
मैसूरMysore
मैसूर
Mysore
मैसूरक स्थान
निर्देशाङ्क: १२°१६′N ७६°३६′E / १२.२६°N ७६.६°E / 12.26; 76.6निर्देशाङ्क: १२°१६′N ७६°३६′E / १२.२६°N ७६.६°E / 12.26; 76.6
देश भारत
राज्यकर्नाटक
भागमैसूर मण्डल
जिलामैसूर जिला
सरकार
  प्रकारमेयर परिषद
  मेयरएमजे रविकुमार
  उप-मेयररत्नाम्मा
क्षेत्रफल
  महानगरपालिका[]१५२ किमी (६०.१२ वर्गमाइल)
उन्नतांश
७६३ मिटर (२५०३ फिट)
जनसङ्ख्या
 (२०११)[]
  महानगरपालिका[]९,२०,५५०
  क्रम५३
  घनत्व६१००/वर्ग किमी (१५०००/वर्ग माइल)
  महानगर९,९०,९००
वासिन्दामैसूरियन
समय क्षेत्रयुटिसी+०५:३० (भारतीय मानक समय)
डाक कोड
५७० ०xx
सवारी दर्ताKA ०९, KA ५५
टेलिफोन९१-(०)८२१-XXX-XXXX
आधिकारिक भाषाकन्नड
UN/LOCODEIN MYQ
वेबसाइटmysorecity.gov.in

मैसूर[] (/mˈsʊər/), आधिकारिक रूपमे मैसूरू, कर्नाटक राज्यक तेसर सभसँ पैग शहर छी। ई शहर कर्नाटक राज्यक राजधानी बेङ्गलोरहुब्लीक बाद तेसर सभसँ बेसी आबादी आ पैग शहर छी। राजधानी बेङ्गलोरसँ लगभग १४६ किमी (९१ माइल) दक्षिण-पश्चिममे चामुण्डी पहाड़क तलहटीमे स्थित ई १२८.४२ किमी (५० वर्ग माइल) कऽ क्षेत्रमे फैलल अछि। भारतक राष्ट्रिय जनगणना २०११ अनुसार ई शहरक जनसङ्ख्या ९,२०,५५० अछि। मैसूर शहर निगम शहरक नागरिक प्रशासनक लेल जिम्मेदार निकाय छी, जे मैसूर जिला आ मैसूर प्रमण्डलक मुख्यालय सेहो छी।

मैसूर लगभग छ शताब्दी (सन् १३९९ सँ सन् १९५६ धरि) मैसूर राज्यक राजधानी शहरक रूपमे स्थापित छल। ई शहर उपर वाडियार राजवंशक शासन छल। सन् १७६० आ सन् १७७० क दशकमे हैदर अलीटिपु सुल्तान सत्तामे छल। कला आ संस्कृतिक संरक्षक, वाडियारसभ शहर आ राज्यक सांस्कृतिक विकासमे बहुतेक विशिष्ट योगदान देलक। मैसूरक सांस्कृतिक माहौल आ उपलब्धिसभ एकरा कर्नाटकक सांस्कृतिक राजधानी बनेबामे सफल भेल।

मैसूरक प्रामाणिक इतिहास भारत पर सिकन्दरक आक्रमण (इशा पूर्व ३२७) कऽ बादसँ प्राप्त होइत अछि। ओ आक्रमणक पश्चात मैसूरक उत्तरी भाग पर सातवाहन वंशक अधिकार भेल छल आ ई अधिकार २०० ईसवी धरि चलल। मैसूरक ई राजा सातकर्णी कहलावैत छल। एकर बाद उत्तर कशचमी क्षेत्र पर कदम्ब वंशक आ उतर पूर्वी भाग पर पल्लवसभक शासन भेल। कदम्बसभक राजधनी वनवासीमे तथा पल्लवसभक कांचीमे छल। याह बीच उतरसँ इक्ष्वाकु वंशक सातम् राजा दुर्विनीतद्वारा पल्लवसभसँ किछ क्षेत्र छीन अपन अधिकारमे करि लेलक। आठम् शासक श्रीपुरूषद्वारा पल्लवसभकें हारए परमनदि कऽ उपाधि धारण केलक, जे गङ्ग वंशक परवर्ती शासकसभक सेहो उपाधि कायम रहल।

उत्तर पश्चिमी क्षेत्र पर पाँचम शताब्दीमे चालुक्यद्वारा आक्रमण कएल गेल। छठम शताब्दीमे चालुक्य नरेश पुलिकैशिनद्वारा पल्लवसभसँ वातादि (वादामी) छीन लेलक आ ओकरे राजधानी स्थापित केलक। आठम शताब्दीक अन्तमे राष्ट्रकूट वंशक ध्रूव या धारावर्ष नामक राजा पल्लव नरेशसँ कर वसूल केलक आ गङ्ग वंशक राजाकें सेहो कैद करि लेलक मुदा बादमे गङ्ग राजा मुक्त करि देल गेल। राचमल (लगभग सन् ८२०) कऽ बाद गङ्ग वंशक प्रभाव पुन: वृद्धि होमए लागल। सन् १००४ मे चोलवंशीय राजेन्द्र चोल गङ्गसभकें हराए दक्षिण तथा पूर्वी हिस्सा पर अपना अधिकार करि लेलक।

सन्दर्भ सामग्रीसभ

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बाह्य जडीसभ

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