मैसूर

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मैसूर
Mysore
महानगरपालिका[१]
मैसुरू
मैसूर दरबार
मैसूर दरबार
नाम: चन्दन सिटी[२]
देश  भारत
राज्य कर्नाटक
भाग मैसूर मण्डल
जिला मैसूर जिला
सरकार
 • प्रकार मेयर परिषद
 • मेयर एमजे रविकुमार
 • उप-मेयर रत्नाम्मा
क्षेत्रफल
 • महानगरपालिका[१] १५२ किमी (६०.१२ वर्गमाइल)
उँचाई ७६३ मिटर (२५०३ फिट)
जनसङ्ख्या (२०११)[३]
 • महानगरपालिका[१] ८,८७,४४६
 • क्रम ५३
 • घनत्व ५८००/किमी (१५०००/वर्ग माइल)
 • मेट्रो[४] ९,८३,८९३
मूलवासी नाम मैसूरियन
समय क्षेत्र भारतीय मानक समय (युटिसी+०५:३०)
डाक कोड ५७० ०xx
गाडी दर्ता KA ०९, KA ५५
टेलिफोन ९१-(०)८२१-XXX-XXXX
आधिकारिक भाषा कन्नड
UN/LOCODE IN MYQ
वेबसाइट mysorecity.gov.in


मैसूर[५] (सुनीi/mˈsʊər/), आधिकारिक रूपमे मैसूरू, कर्नाटक राज्यक तेसर सभसँ पैग शहर छी । ई शहर कर्नाटक राज्यक राजधानी बेङ्गलोरहुब्लीक बाद तेसर सभसँ बेसी आबादी आ पैग शहर छी । राजधानी बेङ्गलोरसँ लगभग १४६ किमी (९१ माइल) दक्षिण-पश्चिममे चामुण्डी पहाड़क तलहटीमे स्थित ई १२८.४२ किमी (५० वर्ग माइल) कऽ क्षेत्रमे फैलल अछि । भारतक राष्ट्रिय जनगणना २०११ अनुसार ई शहरक जनसङ्ख्या ८,८७,४४६ अछि । मैसूर शहर निगम शहरक नागरिक प्रशासनक लेल जिम्मेदार निकाय छी, जे मैसूर जिला आ मैसूर प्रमण्डलक मुख्यालय सेहो छी ।

मैसूर लगभग छ शताब्दी (सन् १३९९ सँ सन् १९५६ धरि) मैसूर राज्यक राजधानी शहरक रूपमे स्थापित छल । ई शहर उपर वाडियार राजवंशक शासन छल । सन् १७६० आ सन् १७७० क दशकमे हैदर अलीटिपु सुल्तान सत्तामे छल । कला आ संस्कृतिक संरक्षक, वाडियारसभ शहर आ राज्यक सांस्कृतिक विकासमे बहुतेक विशिष्ट योगदान देलक । मैसूरक सांस्कृतिक माहौल आ उपलब्धिसभ एकरा कर्नाटकक सांस्कृतिक राजधानी बनेबामे सफल भेल ।

इतिहास[सम्पादन करी]

मैसूरक प्रामाणिक इतिहास भारत पर सिकन्दरक आक्रमण (इशा पूर्व ३२७) कऽ बादसँ प्राप्त होइत अछि । ओ आक्रमणक पश्चात मैसूरक उत्तरी भाग पर सातवाहन वंशक अधिकार भेल छल आ ई अधिकार २०० ईसवी धरि चलल । मैसूरक ई राजा सातकर्णी कहलावैत छल । एकर बाद उत्तर कशचमी क्षेत्र पर कदम्ब वंशक आ उतर पूर्वी भाग पर पल्लवसभक शासन भेल । कदम्बसभक राजधनी वनवासीमे तथा पल्लवसभक कांचीमे छल । याह बीच उतरसँ इक्ष्वाकु वंशक सातम् राजा दुर्विनीतद्वारा पल्लवसभसँ किछ क्षेत्र छीन अपन अधिकारमे करि लेलक । आठम् शासक श्रीपुरूषद्वारा पल्लवसभकें हारए परमनदि कऽ उपाधि धारण केलक, जे गङ्ग वंशक परवर्ती शासकसभक सेहो उपाधि कायम रहल ।

उत्तर पश्चिमी क्षेत्र पर पाँचम शताब्दीमे चालुक्यद्वारा आक्रमण कएल गेल । छठम शताब्दीमे चालुक्य नरेश पुलिकैशिनद्वारा पल्लवसभसँ वातादि (वादामी) छीन लेलक आ ओकरे राजधानी स्थापित केलक । आठम शताब्दीक अन्तमे राष्ट्रकूट वंशक ध्रूव या धारावर्ष नामक राजा पल्लव नरेशसँ कर वसूल केलक आ गङ्ग वंशक राजाकें सेहो कैद करि लेलक मुदा बादमे गङ्ग राजा मुक्त करि देल गेल । राचमल (लगभग सन् ८२०) कऽ बाद गङ्ग वंशक प्रभाव पुन: वृद्धि होमए लागल । सन् १००४ मे चोलवंशीय राजेन्द्र चोल गङ्गसभकें हराए दक्षिण तथा पूर्वी हिस्सा पर अपना अधिकार करि लेलक ।

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]