रामानाथस्वामी मन्दिर

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
Jump to navigation Jump to search
रामानाथस्वामी मन्दिर
Ramanathaswamy Temple
रामानाथस्वामी मन्दिर
रामानाथस्वामी मन्दिर Ramanathaswamy Temple is located in भारत
रामानाथस्वामी मन्दिर Ramanathaswamy Temple
रामानाथस्वामी मन्दिर
Ramanathaswamy Temple
भारतक नक्शामे रामानाथस्वामी मन्दिर
निर्देशाङ्क: ९°१७′१७″उत्तर ७९°१९′०२″पूर्व / ९.२८८१०६° उत्तर ७९.३१७२८२° पूर्व / 9.288106; 79.317282निर्देशाङ्क: ९°१७′१७″उत्तर ७९°१९′०२″पूर्व / ९.२८८१०६° उत्तर ७९.३१७२८२° पूर्व / 9.288106; 79.317282
नाम
वास्तविक नाम: रामानाथस्वामी मन्दिर
अवस्थिति
देश: भारत
राज्य/अञ्चल: तमिलनाडु
जिला: रामानाथपुरम
स्थान: रामेश्वरम
कला आ संस्कृति
मुख्य देवता: शिव
वास्तुशैली: द्रविड
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
निर्माण तिथि: सन् ११७३
निर्माणकर्ता: पाण्डय तथा जाफ्ना राजा

रामेश्वरम हिन्दूसभक एक पवित्र तिर्थस्थल छी । तमिलनाडुक रामनाथपुरममे अवस्थित ई तिर्थस्थल हिन्दूसभक चारि धामसभमेसँ एक छी । एकर अतिरिक्त एहिठाम स्थापित शिवलिङ्ग बाह्र ज्योतिर्लिंगसभमे एक मानल जाएत अछि । भारतक उत्तरमे रहल काशीक जे मान्यता अछि, दक्षिणमे रहल रामेश्वरम ओहि अनुरुप मान्यता रहल अछि । रामेश्वरम चेन्नईसँ लगभग चारि सय पच्चिस माइल दक्षिण-पूर्वमे रहल अछि । ई हिन्द महासागरबंगालक खाडी सँ चारोदिससँ घेरल एकटा सुन्दर सङ्ख आकारक द्वीप छी । पहिने ई द्वीप भारतक मुख्य भूमि सँ जोड़ल छल , मुदा बादमे सागरक ज्वारसभासँ एकरा जोड़वाला भागके काटल गेलाकें बादमे, ई चारोदिससँ पानिसँ घेरल आ टापुमे परिणत भेल । हिन्दुसभक विश्वास अनुसार एहिठाम भगवान राम श्रीलङ्काउपर चढ़ि पहिने पथरक सहायतासँ सेतुक निर्माण केनए छल, जाहिमे चढ़ि वानर सेना श्रीलङ्का पुगल छल आ विजय भेल छल । बादमे राम विभीषणक आज्ञासँ धनुषकोटि नामक स्थानमे एहि सेतुकें तोड़ने छल ।

रास्ता[सम्पादन करी]

निर्माण काल[सम्पादन करी]

स्थापना[सम्पादन करी]

कथा[सम्पादन करी]

सेतुक पौराणिक सन्दर्भ[सम्पादन करी]

तिर्थ[सम्पादन करी]

गन्धमादन पर्वत[सम्पादन करी]

अन्य तीर्थ[सम्पादन करी]

देवी मन्दिर[सम्पादन करी]

सेतु माधव[सम्पादन करी]

बाईस कुण्ड[सम्पादन करी]

विल्लीरणि तीर्थ[सम्पादन करी]

एकान्त राम[सम्पादन करी]

कोद्ण्ड स्वामि मन्दिर[सम्पादन करी]

सीता कुण्ड[सम्पादन करी]

रामेश्वरमक समुन्द्रमे बहुत विशेष स्थान एकर रहल अछि, जहिठाम स्नान कएलासँ पाप-नाश होइत अछि से मान्यता रहल अछि । रामनाथजीक मन्दिरक पूर्वी द्वारक अगाड़ी बनल सीताकुंड एहि सभमे मुख्य रहल अछि । कहल जाइत अछि कि ई ओ स्थान छी, जाहिठाम सीताजी अपन सतीत्व सिद्ध करवाकलेल अग्निमे प्रवेश केनए छथि । सीताजी ई करवासँ पूर्व ही आगि बुझि गेल आ अग्नि-कुण्डसँ पानि निकलऽ लागल छल । ओही स्थानक हाल ‘सीताकुण्ड’ कहैत अछि । अत; समुन्द्रक तट आधा गोलाकार अछि । सागर एकदमै शान्त होइत अछि । एही करण ई ताल जेना देखैमे लागैत अछि । एहिठाम बिना कोनो खतराक स्नान करि सकैत छी । एही हनुमान कुण्डमे हेलैत पत्थलसभ सेहो देखाई देइत अछि ।

आदि-सेतु[सम्पादन करी]

रामेश्वरमसँ सात माइल दक्षिणमे एकटा स्थान अछि, जकरा ‘दर्भशयनम्’ कहल जाइत अछि, एहि ठाम राम पहिले समुन्द्रमे सेतु बनाबक कार्य शुरू केनए छल । एहि कारण ई स्थानके आदि सेतु सेहो कहल जाएत अछि ।

रामेश्वरम शहर[सम्पादन करी]

रामेश्वरमक समुन्द्रमे विभिन्न प्रकारक समुन्द्री सङ्ख आ सीप पाओल जाएत अछि । कोनो-कोनो ठाम उज्जर रङ्गक बडियास मुङ्गा सेहो भेटैत अछि । रामेश्वरम मात्र धार्मिक महत्वक तिर्थ नै भऽ, प्राकृतिक सौन्दर्यक दृष्टिसँ सेहो दर्शनीय स्थल अछि । चेन्नईसँ रेल-गाडीक यात्रिसभ करीब बाईस घन्टामे रामेश्वरम पुगैत अछि ।

अन्य प्रसिद्ध शिव मन्दिर[सम्पादन करी]

अमरनाथ मन्दिर

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]


एहो सभ देखी[सम्पादन करी]