रिलायन्स इन्डस्ट्रिज

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रिलायन्स इन्डस्ट्रिज लिमिटेड
Reliance Industries Limited
सार्वजनिक
Traded as
उद्योगसामूहिक
पूर्व नामरिलायन्स वाणिज्यिक निगम
स्थापना१९७७; ४४ वर्ष पहिने (१९७७)
संस्थापकधीरुभाई अम्बानी
मुख्यालय,
भारत
सेवा क्षेत्र
विश्वव्यापी
मुख्य लोकनि
मुकेश अम्बानी (अध्यक्ष आ एमडी)
उत्पादनसभ
RevenueIncrease३,३०,१८०.०० करोड (युएस$४९.८५ बिलियन) (२०१७)[१]
Increase४०,१४२.०० करोड (युएस$६.०६ बिलियन) (२०१७)[१]
Increase२९,९४२.०० करोड (युएस$४.५२ बिलियन)(२०१७)[१]
कूल सम्पतिIncrease७,०६,८०२ करोड (युएस$१०६.७ बिलियन)(२०१७)[१]
स्वामीमुकेश अम्बानी (४४.७%)[२]
कर्मचारी सङ्ख्या
२५०,००० (२०१७)[३]
Subsidiaries
वेबसाइटril.com

रिलायन्स इन्डस्ट्रिज लिमिटेड (आरआइएल) एक भारतीय सामूहिक नियन्त्रक कम्पनी छी जकर मुख्यालय मुम्बई, महाराष्ट्र, भारतमे अछि । रिलायन्स समुचा भारतमे ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, वस्त्र, प्राकृतिक संसाधन, खुदरा, आ दूरसञ्चारक कारोबारक मालिक छी । रिलायन्स भारतक सभ सँ बेसी मुनाफामे रहल कम्पनी आ[४]बाजार पूंजीकरणद्वारा भारतक दोसर सभ सँ पैग सार्वजनिक कम्पनी छी ।[५] रिलायन्स कम्पनी भारत सरकारद्वारा नियन्त्रित भारतीय आयल निगमक बाद राजस्वद्वारा मापण कएल जाए वला भारतक दोसर सभ सँ पैग कम्पनी छी ।[६] सन् २००७ अक्टुबर १८ कऽ दिन $१०० बिलियन बाजार पूंजीकरणक कीर्तिमान स्थापित करै वला रिलायन्स पहिल भारतीय कम्पनी बनल ।[७][८] सन् २०१७ अनुसार फोर्च्युन ग्लोबल ५०० द्वारा प्रकाशित कएल गेल विश्वक सभ सँ पैग ५०० कम्पनीमे रिलायन्स कम्पनीकें २०३अम स्थान देनए छल ।[९]


इतिहास[सम्पादन करी]

रिलायन्स के स्थापना १९६६ मे भारतीय उद्योगपति धीरूभाई अम्बानी द्वारा कएल गेल छल। अम्बानी एक एहन मार्ग दर्शक रहल जे भारतीय शेयर बाजार के वितीय लिखित जेहन पूर्ण परिवर्तनीय डिबेन्चर सँ परिचित करौलक्। अम्बानी ओ पहिल उद्यमीसभमे सँ एक छल जे खुदरा निवेशकसभक शेयर बाजार के दिशामे आकर्षित केलक। आलोचकसभक आरोप अछि कि बाजार पूञ्जीकरण के सम्बन्ध मे रिलायन्स इण्डस्ट्रीज के उन्नति के सर्वोच्च स्थान पर लावे के श्रेय पैग मात्रा पर धीरुभाई के चतुराई सँ काम निकलवावे के क्षमता के जाइत अछि जाहीमे ओ नियन्त्रित अर्थव्यवस्था के अपन लाभ के लेल इस्तेमाल करैत छल।

यद्यपि कम्पनी के मूल व्यवसाय तेल सँ सम्बन्धित व्यापार अछि, मुद्दा हाल के वर्ष मे कम्पनी विविध व्यापारसभमे अपन हात अपनेलक्। संस्थापक के दुनु पुत्रसभ मुकेश अम्बानीअनिल अम्बानी के बीच गहिरा मतभेद होए के कारण सँ २००६ मे समूह के दुनु के बीच विभाजित करि देल गेल। सितम्बर २००८ मे, रिलायन्स इण्डस्ट्रीज अकेला एहन भारतीय कम्पनी छल जेकरा फोर्ब्स के "दुनिया के १०० सभसँ सम्मानित कम्पनीसभ" के सूची मे शामिल कएल गेल छल।[१०]

१९६०-१९८०[सम्पादन करी]

१९८१-२०००[सम्पादन करी]

२००१ के बाद सँ[सम्पादन करी]

शेयर होल्डिङ्ग[सम्पादन करी]

लिस्टिङ्ग[सम्पादन करी]

सञ्चालन[सम्पादन करी]

प्रमुख सहायक आ सहयोगी[सम्पादन करी]

कर्मचारी[सम्पादन करी]

पुरस्कार आ मान्यता[सम्पादन करी]

विवाद[सम्पादन करी]

२००५-२००६ मे आरआईएल के विलय[सम्पादन करी]

ओएनजीसी के साथ सम्बन्ध[सम्पादन करी]

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

  1. १.० १.१ १.२ १.३ "RIL Annual Report", RIL। 
  2. "Reliance Industries Ltd. Share holding pattern", NDTV Profit, अन्तिम पहुँच नवम्बर ८, २०१६ 
  3. "Reliance Industries AGM full text", अन्तिम पहुँच २१ जुलाई २०१७ 
  4. "Top companies in India by Net Profit", Moneycontrol.com, अन्तिम पहुँच २० जुलाई २०१७ 
  5. "Top '100' companies by market capitalisation as on July 19, 2017", bseindia.com, अन्तिम पहुँच २० जुलाई २०१७ 
  6. "Global 500", CNN.com, अन्तिम पहुँच १४ अगस्त २०१३ 
  7. "TCS breaches $100 billion market in m-cap; first Indian IT firm to do so" 
  8. "TCS market-cap more than the GDP of these countries" 
  9. "Fortune Global 500 list", CNN Money, अन्तिम पहुँच १४ अगस्त २०१३ 
  10. द टाइम्ज़ ऑफ़ इंडिया

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]

एहो सभ देखी[सम्पादन करी]