सुचित्रा भट्टाचार्य

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
Jump to navigation Jump to search
सुचित्रा भट्टाचार्य
Suchitra Bhattacharya
Suchitra Bhattacharya photo.png
जन्म (१९५०-०१-१०)१० जनवरी १९५०
भागलपुर, बिहार भारत
मृत्यु १२ मई २०१५(२०१५-०५-१२) (६५ वर्ष)
कोलकाता, भारत
पेशा लेखिका
मातृसंस्था कलकत्ता विश्वविद्यालय
उल्लेखनीय कामसभ हेमान्तर पाखी, दहन, रङ्गीन पृथ्वी

सुचित्रा भट्टाचार्य (१० जनवरी १९५० - १२ मई २०१५) एक महिला भारतीय उपन्यासकार छल।[१]

प्रारम्भिक जीवन आ शिक्षा[सम्पादन करी]

सुचित्रा भट्टाचार्यक जन्म १० जनवरी सन् १९५० मे बिहार राज्यक भागलपुर शहरमे भेल छल। हुनका बचपने सँ लेखनमे बड्ड रुचि छल। भट्टाचार्य अपन प्रारम्भिक शिक्षा भागलपुर सँ प्राप्त केनए छल। एकर बाद भट्टाचार्य कलकत्ता विश्वविद्यालय सँ सम्बद्ध जोगमाया देवी कौलेज, कोलकाता सँ स्नातकक उपाधि प्राप्त केनए छल।[२]

स्नातक करलाक बाद सुचित्रा विवाह करि लेलक आ लेखन सँ आराम लऽ लेलक। ओ सत्तर कऽ दशककें अन्त (१९७८-१९७९) मे छोट छोट कथा पिहानी लेखनक सङ्ग लेखन आरम्भ केलक। ओ अस्सी कऽ दशकक मध्यमे उपन्यास लिखनाए शुरू केलक। एक दशक कऽ भीतर, विशेषकर उपन्यास 'काचर देवल' (ग्लास वाल) कऽ प्रकाशनक बाद, ओ बङ्गालक प्रमुख लेखकसभमे सँ एक बनि गेल।

सन् २०१५ मई १२ कें दिन ढकुरिया, कोलकाता स्थित हुनकर निज निवासमे हृदयाघात कऽ कारण हिनकर निधन भऽ गेल।

लेखन जीवन[सम्पादन करी]

हिनकाद्वारा लिखित उपन्याससभ आ लघु कथासभक हिन्दी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, उड़िया, मराठी, गुजराती, पञ्जाबी आ अंग्रेजी जका कयन भारतीय भाषासभमे अनुवाद कएल गेल अछि। भट्टाचार्य बच्चासभक लेल सेहो उपन्यास आ लघु कथासभ लेखन केनए छल। ओ वार्षिक 'आनन्दमाला' मे काल्पनिक चरित्र 'मितिन मासी' कऽ सङ्ग जासूसी उपन्याससभक एक श्रृङ्खला लिखने छल। हुनकाद्वारा लिखित उपन्यास 'दहन' कें कथावस्तु पर बङ्गाली चलचित्र निर्देशक दिवंगत रितुपर्णो घोषद्वारा एक चलचित्र 'क्रसफायर' (१९९७) बनाएल गेल छल, ई चलचित्रक कथावस्तु एक बलात्कार पीड़िता कऽ कठिन परीक्षा आ आघात पर आधारित छल। भट्टाचार्यद्वारा लिखित लघुकथा 'इचर गाच' कऽ कथाक आधारमे शिबोप्रासाद मुखर्जी आ नन्दिता रायद्वारा एक पूर्ण लम्बाईकें फिचर चलचित्र 'इक्के' (एक माए-बेटा कऽ सम्बन्धक एक स्तरित पठन) बनेबामे प्रेरित केनए छल।[३] उर्मी चक्रवर्ती सेहो एक फिचर चलचित्र 'हेन्मोन्तर पाखी' निर्माण केनए छल।

पुरस्कार आ प्रशंसा[सम्पादन करी]

सुचित्राकें सन् २००४ मे कलकत्ता विश्वविद्यालय सँ भुवन मोहिनी पदक, सन् १९९६ मे बेङ्गलोर सँ नञ्जनगुडु थिरुमलम्बा राष्ट्रिय पुरस्कार, दिल्ली सँ १९९७ कथा पुरस्कार, कोलकाता सँ सन् २००० मे ताराशङ्कर पुरस्कार, सन् २००१ मे कल्याणी सँ द्विजेन्द्रलाल पुरस्कार शामिल अछि। सन् २००२ मे भागलपुर सँ शरत पुरस्कार, सङ्गे भारत निर्माण पुरस्कार, सन् २००४ मे साहित्य सेतु पुरस्कार आ सन् २००४ मे शैलानन्दानन्द स्मृति पुरस्कार आ सन् २०१५ मे दिनेश चन्द्र स्मृति पुरस्कार, सन् २०१२ मे माटी नन्दी पुरस्कार, सन् २०१५ पर दिनेश चन्द्र स्मृति पुरस्कार सहो प्राप्त केनए छल। हुनका कलकत्ता विश्वविद्यालय सँ मोहिनी स्वर्णपदक सेहो प्राप्त भेल छल।

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]