होलीका दहन
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| होलीका दहन Holika Dahan | |
|---|---|
| प्रकार | हिन्दू |
| अनुष्ठान | होलिका दहनसँ पहिनुक राति होलीमे: दोसरसभ पर रङ्ग फेक्नाए, नृत्य, पार्टी; त्योहार व्यञ्जन खेनाए |
| आरम्भ | फाल्गुन पूर्णिमा वा पूरनमाशी (पूर्णिमा) |
| तिथि | फरबरी-मार्च |
| समबन्ध | होली |
होलिका दहन वा कमदु पाईरी, होलीका शैतान जलावेसँ मनाएल जाइत अछि । हिन्दुत्वमे अनेकौं परम्परासभक लेल, होलिका मुल्तान शहरमे विष्णुद्वारा प्रहलादक बचावेक लेल होलिकाक मृत्युक उत्सव मनावल जाइत अछि, आ एही प्रकार होलीक नाम रखल गेल अछि । पहिनुक दिनसभमे, लोग होलीका दहनक लेल लकडी वा दुई टुक्राक योगदान करैत अछि । आ, ई होलिकाक ओकर भाई हिरणान कश्यपक हत्या करैक प्रतिनिधित्व करैत अछि ।
महत्वपूर्णता
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अनुष्ठान
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होलीका जलावेक कारण
[सम्पादन करी]सन्दर्भ सामग्रीसभ
[सम्पादन करी]बाह्य जडीसभ
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