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बरसाति

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
वट पूर्णिमा
Vat Purnima
वट पूर्णिमाVat Purnima
बर के गाछ (वट) के चारों तरफ धागा बाँधनाए
अन्य नामवट सावित्री
समुदायविवाहित महिला,[] विशेष रुपसँग मिथिला_ (नेपालभारत), महाराष्ट्र, गोआ, गुजरात, उत्तराखण्ड, बिहार
प्रकारहिन्दू
आरम्भज्येष्ठ महिनाक १३हम तिथि[]
समापनज्येष्ठ महिनाक १५हम तिथि[]
तिथिज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी, ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी, ज्येष्ठ पूर्णिमानमूना परिक्रम भेटल: आकृति:Infobox holiday/wd
२०२५ मेdate missing (please add)
मानाएलवार्षिक

वट पूर्णिमा (जेकरा वट सावित्री व्रत सेहो कहल जाईत अछि) एकटा हिन्दू पावनि छी जे नेपाल, उत्तर भारत आ पश्चिमी भारतीय राज्यसभ महाराष्ट्र, गोआगुजरातमे विवाहित महिलासभद्वारा मनाओल जाईत अछि। हिन्दू क्यालेन्डरमे ज्येष्ठ महिनाक तीन दिन के समयमे ई पूर्णिमामे , एकटा विवाहित महिला बर के चारू तरफ एकटा धागा बाँधि करि के अपन पति (घरबला) के प्रति अपन माया स्नेह केर प्रतीक के रुपमे धागा होईत अछि। ई पावनि महाकाव्य महाभारत में वर्णित सावित्रीसत्यवान केर कथा के ऊपर आधारित अछि।





व्रत एवम् परम्परा

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सन्दर्भ सामग्रीसभ

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  1. Sen, Debarati S (१३ जून २०१४), "Thane women celebrate Vat Purnima with devotion - Times of India", The Times of India, अन्तिम पहुँच २१ फरबरी २०१७
  2. 1 2 Mathur, Barkha (४ जून २०१२), "When women safeguard their family - Times of India", The Times of India, अन्तिम पहुँच २१ फरबरी २०१७



बाह्य जडीसभ

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एहो सभ देखी

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