पाग

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
मिथिलाक लाल पाग

पाग नेपालभारतक मिथिला क्षेत्रमे बसोबास करऽवला मैथिलसभद्वारा माथ पर पहिरल जाएत अछि। एकरा हिन्दू वेद तथा संस्कृत भाषामे सिरवश्त्रम कहल गेल अछि। एकर प्रयोग मिथिलाक पारम्परिक सभ्यताक प्रदर्शित करैत अछि। ई सम्मान आ गर्वक प्रतीक अछि।[१]

इतिहास आ शैली[सम्पादन करी]

प्राचीन समयमे एकरा पात आदिसँ बनाएल जाएत छल, मुदा एखन एकरा कपड़ासँ बनाएल जाए लागल अछि।[२] विशेष रूपसँ ई लाल, पियड़ अथवा उजर रङ्गक भैटेत अछि। पागक संस्कृति बचेवाक लेल विभिन्न अभियान चलाएल जा रहल अछि। कालान्तरमे मुख्य रूपसँ पाग मिथिला क्षेत्रक ब्राह्मणकायस्थ समुदायद्वारा[३] लगाएल जाइत छल मुदा वर्तमान समयमे एकर प्रयोग मिथिलाक प्रत्येक समुदायद्वारा कएल जाइत अछि।[४]लाल रङ्गक पाग दुल्हा आ पूजा पाठमे पुरुषद्वारा लगाएल जाएत अछि। पियड़ रङ्गक पाग मुख्य रूपसँ विआह उत्सवमे सम्मिलित होमएवला लोकसभद्वारा लगाएल जाइत अछि तँ छोट बच्चा आ मनुष्यसभ उजर रङ्गक पाग लगबैत अछि।[५]

अभियान[सम्पादन करी]

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

एहो सभ देखी[सम्पादन करी]