पारिजात (साहित्यकार)

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पारिजात
Parijat-statue.jpg
भारतकs पश्चिम बङ्गालमs रहल पारिजातकs सालिक
जन्म १९७३
दार्जिलिङ, नेपाल(हाल भारत)
मृत्यु १९९३
काठमाडु, नेपाल
पेशा साहित्यकार
राष्ट्रियता नेपाली

पारिजात (वि.सं. १९९४- वि.सं. २०५०) प्रसिद्ध नेपाली साहित्यकार छी। पारिजात बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न शिखर नारी छल । पारिजातकs कवितामे विसग्ङतिवादी, अस्तित्ववादी चिन्तन पाओल जाइत अछि ।

जीवनी[सम्पादन करी]

पारिजातकs जन्म दार्जीलिंगक लिंगीय चाय कमानमs बि.सं. १९९४ बैशाख महिनामे भेल छल|हुनकरि पिताकs नाम के.एन. वाईबा जे चिकित्सक छल | माता अमृत मोक्तानकs गर्भसं हुन्कर जन्म भेल छल| हुन्कर जन्मकs नाम विष्णुकुमारी वाईबा छल| हुन्का अमर बनाबsक नाम पारिजात छी जे नाम ओ अपनेसं राख्ने छल| परम्भिक पढाई दर्गॆलिङ्ग्मे हासिल करि २०११ सालमे काठमाडु भित्रल पारिजात पदमकन्या विद्याश्रमबाट एस.एल.सी. आ पदमकन्या कौलेजसं बी.ए. तक पढाई हासिल केल्थि| वि.सं. २०१३ मे 'धरती ' पत्रिकामs कविता प्रकाशन करि ओ अपन साहित्ययात्रा सुरु कएने छल|

राजनीतिक यात्रा[सम्पादन करी]

वि.सं. २०२३ सालमे तत्कालीन राजनीतिक व्यवस्थाविरुद्ध किछ सङ्गीतकार आ लेखक कविसभ अपन प्रकारकs विद्रोहक स्वर उचालि एकटा समूहकs निर्माण केलक। उ समूहकs नाम छल 'राल्फा'। इ समूहकs केन्द्रविन्दुके रूपमs पारिजात रहल।

गीत सङ्गीतमs हुन्का बहुत लगाव छल। वेदना सांस्कृतिक समूहसँग आर बाधो इसाससँग बेर-बेर करि भारतकs विभिन्न प्रान्तसभ लगायत स्वदेश आर विदेशमे ओ भ्रमण केल्थि। ओ इन्द्रेणी सांस्कृतिक समाजकs इसास मानार्थ अध्यक्ष छल।

ओ मदन पुरस्कार गङ्की पुरस्कार आर पाण्डुलिपि पुरस्कार पाओल। हुन्का 'जनमत' आ 'नेपाल तामाङ घेदुङ सङ्घ'द्वारा अभिनन्दित करने छल। पारिजात द्वारा लिखित पुस्तक 'शिरिषको फूल'कs अङ्ग्रेजी अनुवाद Blue Mimosa कs अमेरिकाके मेरिल्याण्ड युनिभर्सिटीकs पाठ्यक्रममे सहो राखल गेल। हुन्का मनपरs बला रङ्ग हरा, मनपर्s ऋतु वर्षा- फूल गुराँश- खानाः छोइला, मम, सुख्खा रोटी, काभ्रो, चिण्डो, टमाटर आ कोइराल छल।

कृतिसभ[सम्पादन करी]

पारिजातकs प्रकाशित कृतिसभ -


सम्मान आ पुरस्कार[सम्पादन करी]

मदन पुरस्कर २०२२

युगज्ञान पुरस्कार २०२७

पाण्डुलिपि पुरस्कार (२०४९ )

गंकी बसुन्धरा पुरस्कार (२०४९ )आदि

निधन[सम्पादन करी]

हुन्करs निधन लम्बा समय धरि पुरान व्यथा (बिमारी)सं २०५० साल वैशाख ५ गते भोर ४ बजे वीर अस्पतालकs विशेष उपचार कक्षमे भेल छल।

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]

एहो सभ देखी[सम्पादन करी]