कुम्भ मेला

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हरिद्वारक कुम्भ मेला (२०१०)क समय गङ्गा किनारमे स्नान घाट पर श्रद्धालुसभ
२००१ मे प्रयाग कुम्भ मेलाक दृष्य

कुम्भ या कुम्भ मेला (/ ʊkˈmb ɪmeələ /) हिन्दू धर्मावलम्बीसभक एक प्रमुख तीर्थ आ पावनि छी। [१] ई लगभग १२ वर्षक चक्रमे भारतक चारि नदी प्रयागराज / इलाहाबाद (गङ्गा-यमुना सरस्वती नदीसभक सङ्गम), हरिद्वार (गङ्गा), नासिक (गोदावरी), आ उज्जैन (शिप्रा) नदीक किनारमे तीर्थ स्थलसभ पर: मनाओल जाएत अछि,[१][२] [३][४] [५] साधकसभक मान्यता अछि कि पइछला गलतिसभक लेल एहि नदिसभमे स्नान (प्रायश्चित्त, तपस्या) करबाक एक साधन छी, आ ई पाप कर्मक नाश करैत अछि।

खगोल गणनाक अनुसार ई मेला मकर सङ्क्रान्तिक दिनसँ प्रारम्भ होएत अछि, जखन सूर्य आ चन्द्रमा, वृश्चिक राशीमे आ वृहस्पति, मेष राशीमे प्रवेश करैत अछि । मकर सङ्क्रान्तिक होमएबला ई संयोग कऽ "कुम्भ स्नान-योग" कहल जाएत अछि ।

अर्ध कुम्भ[सम्पादन करी]

ज्योतिषीय महत्व[सम्पादन करी]

पौराणिक मान्यतासभ[सम्पादन करी]

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

  1. १.० १.१ The Editors of Encyclopaedia Britannica (2015). Kumbh Mela: Hindu festival. Encyclopaedia Britannica. https://www.britannica.com/topic/Kumbh-Mela.  ई पावनि (मेला) कऽ नदीकें पानिमे डुबकी द्वारा एक अनुष्ठानक रुपमे चिह्नित कएल जाएत अछि, मुदा कुम्भ मेला शिक्षा, सन्तसभ द्वारा धार्मिक प्रवचन, भिक्षुसभक सामूहिक भोजन आ गरीबक मनोरन्जनक साथे सामुदायिक वाणिज्यक उत्सव सेहो छी।
  2. MacLean, Kama (२००३), "Making the Colonial State Work for You: The Modern Beginnings of the Ancient Kumbh Mela in Allahabad", The Journal of Asian Studies 62 (3): 873–905, जेएसटिओआर 3591863, डिओआई:10.2307/3591863 
  3. Diana L. Eck (2012). India: A Sacred Geography. Harmony Books. pp. 153–155. आइएसबिएन 978-0-385-53190-0. https://books.google.com/books?id=uD_0P6gS-vMC. 
  4. Williams Sox (2005). Lindsay Jones. ed. Encyclopedia of Religion, 2nd Edition. 8. Macmillan. pp. 5264–5265. , Quote: "The special power of the Kumbha Mela is often said to be due in part to the presence of large numbers of Hindu monks, and many pilgrims seek the darsan (Skt., darsana; auspicious mutual sight) of these holy men. Others listen to religious discourses, participate in devotional singing, engage brahman priests for personal rituals, organise mass feedings of monks or the poor, or merely enjoy the spectacle. Amid this diversity of activities, the ritual bath at the conjunction of time and place is the central event of the Kumbha Mela."
  5. Maclean, Kama (सितम्बर २००९), "Seeing, Being Seen, and Not Being Seen: Pilgrimage, Tourism, and Layers of Looking at the Kumbh Mela", CrossCurrents 59 (3): 319–341, डिओआई:10.1111/j.1939-3881.2009.00082.x