दुःशासन

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द्युत क्रीड़ामे द्रौपदीक वस्त्र हरैत दु:शासन

दुःशासन या दुशासन प्रसिद्ध एवं प्राचीन हिन्दू महाकाव्य महाभारतक अनुसार कुरुवंशमे कौरव वंशक अन्तर्गत हस्तिनापुरक कार्यकारी राजा धृतराष्ट्र कऽ पुत्र छलाह। हिनका द्वारा जुवाके उपरान्त दुर्योधनक कहला पर द्रौपदीक चीर हरण कएने छल। ई दुर्योधनक १०० भाइसभसँ दुर्योधन सँ छोट छल।[१]

दुशासन वध[सम्पादन करी]

भीम दु:शासन कऽ रक्त पान करैत काल।

दुशासनक वध भीम द्वारा कुरुक्षेत्रके युद्धक समय कएल गेल छल। भीम द्वारा अपन गद्दासँ दु:शासनक मस्तक फोड़ि देने छल । दुशासन हाथ उठाकऽ कहने छल कि देख ई हाँथ एहि हाथसँ हम भरल सभामे द्रौपदीके वस्त्र निकाल लियै, तब भीम द्वारा ओकर ओ हाथ उखाड़ि कऽ फेंक देलक आ दुशासनक छाती चीरिकऽ ओकर रक्त पान करए लागल। सभ भयभीत भऽ गेल ।[२]

जापानी परम्परामे दु:शासन[सम्पादन करी]

वायान्ग नामक नाट्यगृहमे दु:शासन कऽ प्रदर्शन, जापान

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]



एहो सभ देखी[सम्पादन करी]