धृष्टद्युम्न

मैथिली विकिपिडियासँ, एक मुक्त विश्वकोश
Jump to navigation Jump to search
धृष्टद्युम्न
Drishtadumnya
Drishtadumnya announces about the Draupadi Swayamvara.jpg
जानकारी
परिवार द्रुपद (पिता)

धृष्टद्युम्न जकरा द्रौपदक नामसँ सेहो जानल जाइत अछि पाञ्चालराज द्रुपदक अग्नि तुल्य तेजस्वी पुत्र छी ।[१] ओ पृषत अथवा जन्तु राजाक नाती, आ द्रुपद राजाक पुत्र छल । द्रोणाचार्यक विनाश करवाक लेल, प्रज्वलित अग्निकुण्डसँ एकर प्रादुर्भाव भेल छल । फेर ओहि वेदीमे सँ द्रौपदी प्रकट भेल छल । अतः ई दुनू कें 'अयोनिसम्भव' आ एकरा द्रौपदीक 'अग्रज बन्धु' कहल जाइत अछि । अग्निक अंश सँ एकर जन्म भेल छल । एकरा 'याज्ञसेनि', अथवा 'यज्ञसेनसुत' सेहो कहैत छल । द्रोणसँ बदला लेबऽ कऽ लेल, द्रुपद याज आ उपयाज नामक मुनीसभद्वारा एक यज्ञ करौलक । ई यज्ञकें 'हविष्य' सिद्ध होइते, याज द्रुपदकें रानी सौत्रामणीकें, ओकर ग्रहण करवाक लेल बजेलक । महारानीक यज्ञमे अबैमे कनिक देर भऽ गेल । फेर याज क्रोधसँ कहल्नि - रानी! ई हविष्यकें यज तयार केनए अछि आ उपयाज ओकर संस्कार केनए अछि । याह कारण एकरासँ सन्तानक उत्पत्ति अनिवार्य अछि । अहाँ एकरा लै ल आबी, या नै आबी । एतेक कहि, याज ओ हविष्यक अग्निमे आहुति दऽ देलक । फेर ओकरा प्रज्वलित अग्निसँ, ओ एक तेजस्वी वीरपुरुष कऽ रुपमे प्रकट भेल । एकर अङ्गक कान्ति अग्निज्वालाक समान तेजस्वी छल । ओकर मस्तक पर किरीट, अङ्गसभमे उत्तम कवच, आ हातमे खड्ग, बाण आ धनुष छल । अग्निसँ बाहर आबैते, ओ गर्जना करैत एक रथ पर जे चढल मानू कतौ युद्ध कऽ लेल जाए लेल तयार होइ । ओहि समय, आकाशवाणी भेल - ई कुमार पाञ्चालसभक दुःख दूर करत । द्रोणवधक लेल एकर अवतार भेल अछि ई आकाशवाणी सुनि, उपस्थित पाञ्चालसभ कें बहुतेक प्रसन्नता भेल । ओ - साधु, साधु कहि, हुनका शाबाशी दै लगल ।[२]


जीवन[सम्पादन करी]

सन्दर्भ सामग्रीसभ[सम्पादन करी]

  1. "Positive thinking: Dhrishtadyumna". DNA. December 7, 2012. http://www.dnaindia.com/analysis/comment_positive-thinking-dhrishtadyumna_1774478. 
  2. Debroy, Bibek (June 2015). The Mahabharata, Volume 4. United Kingdom: Penguin Books. 

बाह्य जडीसभ[सम्पादन करी]

एहो सभ देखी[सम्पादन करी]