मदर टेरेसा

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मदर टेरसा
अग्नेसे गोङ्क्से बोजसियु
मदर टेरसा
जन्म (१९१०-०८-२६)अगस्त २६, १९१०
उस्कुब, ओटोमन साम्राज्य (आजक सोप्जे, गणतन्त्र म्यासेडोनिया)
मृत्यु ५ सितम्बर १९९७(१९९७-०९-०५) (८७ वर्ष)
कोलकाता, भारत
राष्ट्रियता अल्बेनियाली[१][२]
रोजगार रोमन केथोलिक नन, मानवतावादी
हस्ताक्षर

मदर टेरेसा (२६ अगस्त १९१०- ५ सितम्बर १९९७) क जन्म अग्नेसे गोङ्क्से बोजसियुक नामसँ एक अल्बेनियाली परिवारमे उस्कुब, ओटोमन साम्राज्य (आजक सोप्जे, म्यासेडोनिया)मे भेल छल ।[३] मदर टेरसा रोमन क्याथोलिक नन छल , जेकरसंग भारतीय नागरिकता छल । ओ सन् १९५० मे कोलकातामे मिसनरिज अफ च्यारिटीक स्थापना कएलक । ४५ साल तक गरीब, बीमार, अनाथ आर असहाय व्यक्तिसभक मद्दत कएलक आर साथे च्यारिटीक मिसनरिजक प्रसारक मार्ग प्रसस्त करने छल ।

सन् १९७० तक ओ गरीब आर असहायक लेल अपन मानवीय कार्यसभक लेल प्रसिद्द भेल छेलिह, माल्कोम मुगेरिजक बहुत रास वृत्तचित्र आर पुस्तक जेहन समथिङ ब्युटिफुल फर गड हुनकर उल्लेख कएल गेल अछि । वो सन् १९७९ मे नोबेल शान्ति पुरस्कार आर सन् १९८० मे भारतक सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्राप्त केनए छल । मदर टेरेसाक जीवनकालमे मिसनरिज अफ च्यारिटीक कार्य लगातार विस्तृत भेल छल आर हुनकर मृत्युक समय तक ई संस्था १२३ देशमे ६१० मिसन नियन्त्रित करि रहल छल । अहिमे एचआइभी/एड्स, कुष्ठ आर तपेदिकक रोगिक लेल धर्मशालासभ[४]/ घर सम्मिलत छल आर संगे सूप रसोई, बच्चा आर परिवारक लेल परामर्श कार्यक्रम, अनाथालय आर विद्यालय सेहो छल । मदर टेरसाक मृत्युक बाद हुनका पोप जन पाउल द्वितीय धन्य घोषित कएनहि छल आ कोलकाताक धन्य उपाधि प्रदान केनए छल ।

टेरेसाक हृदयघातक कारण ५ सितम्बर १९९७ क दिन मृत्यु भेल छल ।[५]

आजीवन सेवाक सङ्कल्प

सन् १९८१ मे आगवेश अपन नाम बदलि टेरेसा राखलक आ ओ आजीवन सेवाक संकल्प अपनेलक । ओ स्वयं लिखलक - ओ १० सितम्बर १९४० क दिन छल जब हम अपन वार्षिक अवकाश पर दार्जिलिङ जा रहल छलौ । ओ समय हमर अन्तरात्मासँ आवाज उठल छल कि "हमरा सब कुछ त्याग करि देना चाही आ अपन जीवन इश्वर एवं दरिद्र नारायणक सेवा करिक कङ्गाल तनक समर्पित करि देना चाही।"

समभावसँ पीडितक सेवा

मदर टेरेसा दलितसभ एवं पीडितसभक सेवामे कोनो प्रकारक पक्षपाती नै छल । ओ सद्भाव बढाबैक लेल संसारक दौरा केनए छल । हुनकर मान्यता छल कि प्यारक भूख रोटीक भूखसँ बहुत पैग अछि । हुनकर मिसनसँ प्रेरणा ल संसारक विभिन्न भागसभसँ स्वयंसेवक भारत आएल आ तन, मन, धनसँ गरीबसभक सेवामे लागि गेल । मदर टेरेसाक कहना छल कि सेवाक कार्य एक कठिन कार्य अछि आ एकर लेल पूर्ण समर्थनक आवश्यकता अछि । वोहि लोग ई कार्यक सम्पन्न क सकएत अछि जे प्यार एवं सान्त्वनाक वर्षा क सकै- भूखलके खुवाबै, बेघरसभके शरण दै, दम तोडएवाला बेबससभके प्यारसँ ममता करै, अपाहिजसभक हर समय ह्रदयसँ लगाबैक लेल तैयार रहि सकै ।

विविध पुरस्कार तथा सम्मान

अमेरिकाक ह्वाइट हाउसमे मदर टेरेसा सन् १९८५ मे

मदर टेरेसाक हुनकर सेवासभक लेल विविध पुरस्कार एवं सम्मानसभसँ विभूषित कएल गेल छल । सन् १९३१ मे टेरेसाक पोप जन तैसमक शान्ति पुरस्कार आ धर्मक प्रगतिक लेल टेम्पेलटन फाउन्डेशन पुरस्कार प्रदान कएल गेल । अमेरिकाक क्याथोलिक विश्वविद्यालय हुनका डोक्टोरेटक उपाधिसँ विभूषित कएलक । भारत सरकारद्वारा सन् १९६२ मे हुनका पद्म श्रीक उपाधि मिलल ।[६] मदर टेरेसाक लेल पुरस्कार आ सम्मानक दौर भारतमे नै रुकल आ सन् १९८० मे भारतक सबसँ पैग नागरिक सम्मान भारत रत्न मिलल । [७][८] सन् १९८८ मे ब्रिटेनद्वारा आईर अफ द ब्रिटिश इम्पायरक उपाधि प्रदान कएल गेल ।[९] बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय हुनका डी-लिटक उपाधिसँ विभूषित कएलक । १९ दिसम्बर १९७९ क मदर टेरेसाक मानव-कल्याण काजसभक हेतु नोबेल पुरस्कार प्रदान कएल गेल ।[१०] वह तेसर भारतीय नागरिक छि जे संसारमे ई सबसँ पैग पुरस्कारसँ सम्मानित कएल गेल छल ।

टेरेसाक जीवनी भारतक एगो सरकारी कर्मचारी नविन चावला लिखनै अछि जे सन् १९९२ मे प्रकाशित भएल छल ।[११]

आलोचना

बहुतरास व्यक्तिसभ, सरकारसभ आ संस्थासभद्वारा हुनकर प्रशंसा कएल जाति रहल अछि, यद्यपि ओ आलोचनाक सेहो सामना केनए अछि । अहिमे बहुतेक व्यक्तिसभ, जेना क्रिस्टोफर हिचेन्स, माइकल परेन्टी, अरूप चटर्जी (विश्व हिन्दू परिषद)द्वारा कएल गेल आलोचना सामिल अछि, जे हुनकर काम (धर्मान्तरण)क विशेष तरिकाक विरुद्ध छल ।[१२][१३]

सन्दर्भ सामग्रीसभ

  1. "Albania calls on India to return Mother Teresa's remains", The Daily Telegraph (London), 14 October 2009, <http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/europe/albania/6322727/Albania-calls-on-India-to-return-Mother-Teresas-remains.html> 
  2. "India rejects Mother Teresa claim", BBC News, 14 October 2009, <http://news.bbc.co.uk/2/hi/8306423.stm> 
  3. Poplin, Mary (28 January 2011), Finding Calcutta: What Mother Teresa Taught Me About Meaningful Work and Service, InterVarsity Press, प॰ 112, आइएसबिएन 978-0830834723, <https://books.google.com/?id=MRzDAgAAQBAJ&pg=PA112&lpg=PA112>, "Remember, brother, I am a missionary and so are you" 
  4. Muggeridge (1971), chapter 3, "Mother Teresa Speaks", pp. 105, 113
  5. "सेवा की साकार मूर्ति थी "मदर टेरेसा"". पत्रिका समाचार समूह. ५ सितंम्बर 2014. Retrieved ५ सितंम्बर 2014.  Check date values in: |date=, |accessdate= (help)
  6. "List of the recipients of the Jawaharlal Nehru Award". ICCR website. 
  7. List of recipients of Bharat Ratna
  8. Joint Resolution to Confer Honorary Citizenship of the United States on Agnes Gonxha Bojaxhiu, also Known as Mother Teresa.
  9. "It's an Honour: AC". Itsanhonour.gov.au. 26 January 1982. Retrieved 24 August 2010. 
  10. Locke, Michelle (22 March 2007). "Berkeley Nobel laureates donate prize money to charity". San Francisco Gate. Associated Press. Retrieved 26 May 2007
  11. "Mother Teresa: The Authorized Biography" ISBN 978-0-7567-5548-5.
  12. Larivée, Serge; Carole Sénéchal & Geneviève Chénard (1 March 2013), "Mother Teresa: anything but a saint...", <http://www.nouvelles.umontreal.ca/udem-news/news/20130301-mother-teresa-anything-but-a-saint.html>. Retrieved on ६ मार्च २०१३ 
  13. Byfield, Ted (20 October 1997), "If the real world knew the real Mother Teresa there would be a lot less adulation", Alberta Report/Newsmagazine 24(45) 

बाह्य जडीसभ

एहो सभ देखी